पीलीभीत। यूपी बोर्ड की परीक्षा सात फरवरी से शुरू होगी। परीक्षा में अब सिर्फ एक दिन बाकी रह गया है, लेकिन व्यवस्थाएं अब भी आधी-अधूरी हैं। कई परीक्षा केंद्रों का तो हाल बेहाल है। कहीं टूटी खिड़की हैं तो कहीं फर्श ही गायब है। किसी केंद्र पर प्रकाश व्यवस्था के नाम पर कमरों में मात्र एक-एक बल्ब ही लगा है। परीक्षार्थी इन्हीं अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षा देंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा इस बार जिले के 73 परीक्षा केंद्रों पर होगी। शासन ने नकलविहीन परीक्षा कराने को इस बार परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष में दो-दो सीसीटीवी कैमरे और एक-एक वायस रिकार्डर लगाने के निर्देश दिए गए थे। शासन के आदेश की तामील भी की गई, लेकिन शिक्षा अधिकारियों को पूरा फोकस सिर्फ सीसीटीवी कैमरों और वायस रिकार्डर पर ही रहा। ऐसे में अन्य जरूरी मानकों पर ध्यान ही नहीं दिया गया। परीक्षा केंद्रों के मौजूदा हालातों को देखकर तो कम से कम यही लग रहा है। बानगी के तौर पर ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज को ही लें तो यहां हाईस्कूल के 552 और इंटर के 553 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इस परीक्षा केंद्र के अधिकांश कक्षों की खिड़कियां आज भी टूटी हैं। प्रकाश के नाम पर यहां सिर्फ बल्ब ही लगे हैं। कमोबेश ऐसा ही हाल सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज और एसएन इंटर कॉलेज का भी है। इन परीक्षा केंद्रों की कक्षाओं में टूटे फर्श और रोशनी के नाम पर एकमात्र बल्ब टंगे हैं। ये हाल मात्र जिला मुख्यालय के परीक्षा केंद्रों है। यदि जिले दूरस्थ क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों को देखे तो उनमें भी मानकों की अनदेखी की गई है।
शासन के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं चौक चौबंद कर ली गई हैं। नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने को सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जा चुकी है। केंद्र व्यवस्थापकों को भी निर्देशित किया जा चुका है। यदि कहीं कोई लापरवाही पाई जाती तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संत प्रकाश, डीआईओएस