पीलीभीत। मनरेगा से कराए जाने वाले कार्यों में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन स्तर पर एसएसएस (सिक्योरिटी सिस्टम सॉफ्टेयर) तैयार किया गया है। इस नई व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागूू करने के लिए लखनऊ में तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मनरेगा के अंतर्गत विकास और निर्माण कार्य कराने पर खर्चे का आंकलन कर इस्टीमेट मैन्युअल तरीके से शासन को भेजा जाता है। इस स्थिति में फर्जीवाड़ा होने की आशंका बनी रहती है। मनरेगा से जुड़े कार्यों में फर्जीवाड़े की शिकायतें शासन स्तर पर लगातार पहुंच रही थीं। इन्हें गंभीरता से लेते हुए अब शासन ने इस पर अंकुश लगाने को नई व्यवस्था के तहत सिक्योरिटी सिस्टम सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए ही इस्टीमेट शासन को ऑनलाइन भेजे जाएंगे। जल्द ही यह व्यवस्था जिले में लागू होगी। सॉफ्टवेयर से संबंधित जानकारी और इसके प्रशिक्षण के लिए लखनऊ में तकनीकी कर्मचारियों की वर्कशॉप होगी। डीसी मनरेगा मृणाल सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था से मनरेगा से कराए जाने वाले कार्यों में पारदर्शिता के साथ ही फर्जीवाड़ा पर रोक लग सकेगी।