बूंदीभूड में पिंजरे के पास आकर लौट गया तेंदुआ
सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए को कैद करने के लिए लगवाए गए हैं दो पिंजरे
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। माधोटांडा क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में तेंदुए व बाघ से उत्पन्न आतंक रुकता नहीं दिखाई दे रहा है। हालांकि टाइगर रिजर्व प्रशासन इसे लेकर संजीदा है। शुक्रवार को तेंदुआ और बाघ को कैद करने के लिए अधिक चहलकदमी वाले क्षेत्रों में दो पिंजरे भी लगाए गए, लेकिन तेंदुआ झांसे में नहीं आया। वह रात बूंदीभूड़ क्षेत्र में लगे पिंजरे के पास जाकर वापस लौट गया। इससे वनकर्मियों के प्रयास को भी झटका लगा है।
बराही रेज के सीमावर्ती क्षेत्र बूंदीभूड और नौजल्हा समेत चार गांव में पिछले दो माह से तेंदुए का आतंक जारी है। इसके साथ ही दो दिन पूर्व नौजल्हा जंगल से निकलकर एक बाघ महाराजपुर गावं में आबादी के करीब पहुंच गया था। यहां बाघ ने एक मवेशी को अपना निवाला बना लिया था। बाघ व तेंदुए की अधिक चहलकदमी को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन गंभीर हो गया। अधिकारियों के निर्देश पर कई एक्सपर्ट टीमें भी इलाके में पहुंच गईं। सर्च अभियान के साथ तेंदुए की निगरानी शुरू की गई। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर टाइगर रिजर्व प्रशासन बूंदीभूड़, महाराजपुर व नौजल्हा क्षेत्र के जंगल से सटे इलाके में तेंदुआ कैद करने के लिए दो पिंजरों को लगाया। पिंजरे के भीतर बकरी बांधी गई, लेकिन तेंदुआ आधी रात के बाद बूंदीभूड क्षेत्र में लगे पिंजरे के समीप आकर वापस लौट गया। तेंदुए की तस्वीर वहां लगे कैमरे में भी कैद हुई। फिलहाल टाइगर रिजर्व प्रशासन इस मामले में गंभीर बना हुआ है।
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रात भर इलाके में मौजूद रहे डिप्टी डायरेक्टर
तेंदुए की चहलकदमी देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन गंभीर हुआ है। शुक्रवार पूरी रात डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार के नेतृत्व में टीम ने क्षेत्र में मौजूद रहकर निगरानी अभियान चलाया। इस दौरान एसडीओ प्रवीण खरे भी मौजूद रहे।
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एसडीओ के नेतृत्व में चलेगा अभियान
सीमावर्ती क्षेत्र में अधिक चहलकदमी को देखते हुए अधिकारी संजीदा हुए हैं। डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार के निर्देश पर एसडीओ प्रवीण खरे के नेतृत्व में एक्सपर्ट टीम को सीमावर्ती क्षेत्र में लगाया गया है। यहां टीम मौजूद रहकर तेंदुए की हर गतिविधि पर नजर रखेगी।
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जंगल से ग्रामीणों की आवाजाही पर रोक
सीमावर्ती क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के आतंक को देखते हुए शुक्रवार को अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र के अलग-अलग जगहों पर दो पिंजरे लगाए गए थे। जिसे जंगल झाड़ी से ढक उसके भीतर बकरी को बांधा गया था। तेंदुआ पिंजरे के समीप आकर वापस लौट गया। कैमरे में तेंदुए के साथ टॉर्च की रोशनी भी पड़ती दिखाई दे रही है। इस पर पीटीआर के अधिकारियों ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि रात के समय कोई भी ग्रामीण जंगल से सटे इलाके में शौच या अन्य कार्य को लेकर चहलकदमी न करें।
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महाराजपुर व बूंदीभूड क्षेत्र में जंगल से सटे इलाके में दो पिंजरे लगाए गए थे। बीती रात मेरे नेतृत्व में निगरानी भी की गई। रात को तेंदुआ पिंजरे के समीप आ कर वापस चला गया। कैमरे में भी की तस्वीर कैद हुई है। ग्रामीणों को सतर्क करने के साथ एसडीओ के नेतृत्व में टीम को लगाया गया है।
- आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व