खेकड़ा (बागपत)।
आचार्य श्री विद्या भूषण सन्मति सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री संकल्प सागर जी महाराज ने नोएडा में शुक्रवार की देर रात्रि में समाधि ले ली। भक्तों ने क्षेत्र के बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में महाराज श्री को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा के बाद संकल्प सागर जी महाराज ने समाधि ली।
आचार्य श्री विद्या भूषण सन्मति सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 संकल्प सागर जी महाराज नोएडा स्थित जैन मंदिर में विराजमान थे। शुक्रवार की देर रात्रि में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। देर रात्रि दस बजकर पैंतालीस मिनट पर उन्होंने समाधि ले ली। महाराज श्री की समाधि लेने की सूचना मिलने पर जैन समाज के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न प्रांतों से महिला और पुरुष भक्त नोएडा पहुंचे। वहां से उन्हें शनिवार की सुबह खेकड़ा क्षेत्र के बड़ागांव सित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में लाया गया। सूचना मिलने के चलते बड़ागांव में भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए। इसके बाद बड़ागांव में श्रद्धालुओं ने महाराज श्री की अंतिम यात्रा निकाली। उनके दर्शन करने के लिए अंतिम यात्रा में दूर दराज से भारी संख्या में पहुंच श्रद्धालुओं ने अंतिम दर्शन किए। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गई। अंतिम यात्रा के बाद संकल्प सागर जी महाराज ने समाधि ली।
महाराज श्री का जीवन परिचय।
वर्तमान नाम परम पूज्य श्री संकल्प सागर जी महाराज
पूर्व नाम बाल चंद जैन
जन्म सन 1946 मे ग्राम जमुनिया कला, वर्तमान में जामनी बांध ललितपुर यूपी
पिता विशिष्ठ श्रावक राम प्रसाद जैन
विशिष्ठि श्राविका सुभद्रा देवी जैन
भाई पांच ललितपुर उत्तर प्रदेश में उद्योगपति
विवाह सन 1962 में ग्राम मड़ावरा
पत्नी कपूरी बाई जी जैन
पुत्र दो व्यापारी देवेंद्र कुमार जैन, अरविंद कुमार जैन शास्त्री
पुत्री दो विवाहित किरण जैन, निर्मला जैन
वैराग्य कारण साधु, संत मागम एवं नाना श्री के संस्कार
दो प्रतिमा के व्रत आचार्य श्री विद्यासागर जी सन 1986
छह प्रतिमा के व्रत आचार्य श्री विराग सागर जी सन 1996
मुनि दीक्षा सावन शुक्ला, पूर्णमासी, रक्षाबंधन पर 22 अगस्त 2002
स्थान नवीन शाहदरा दिल्ली
दीक्षा गुरू परम पूज्य आचार्य श्री विद्या भूषण सन्मति सागर जी महाराज