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दिन भर बाघ का हल्ला, पदचिह्न निकले कुते के

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27 पीबीटीपी 26
दिनभर बाघ का हल्ला, पदचिह्न निकले कुत्ते के
तीन घंटे तक वनकर्मी करते रहे पड़ताल, जुटी रही भीड़
गजरौला थाना क्षेत्र के लालपुर गांव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
जराकोठी/गजरौला। जंगल से करीब दो किमी दूरी पर स्थित गन्ने के खेत में बाघ छिपा होने की सूचना से लालपुर गांव में दहशत फैल गई। यही नहीं ग्रामीणों ने बाघ के दहाड़ लगाने की बात भी कह डाली। इसके बाद कई घंटों तक गांव में बाघ की मौजूदगी को लेकर अफवाहें उड़ीं तो हाहाकार मचा रहा। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने ग्रामीणों के बताए अनुसार खेत में पड़ताल की। इसमें खेत पर न तो बाघ मिला और न ही उसकी मौजूदगी का साक्ष्य। ट्रेस किए गए पगमार्क भी कुत्ते के निकले। इस पर टीम वापस चली गई। हालांकि अधिकांश ग्रामीण अब भी बाघ के होने की बात कहकर दहशतजदा हैं।
टाइगर रिजर्व की माला रेंज के जंगल से करीब दो किमी की दूरी पर स्थित लालपुर गांव में आबादी के नजदीक बाघ के पहुंचने का शोर मच गया। गांव निवासी लल्तू सिंह के गन्ने के खेत में बाघ के दहाड़ने की सूचना कुछ ही देर में आग की तरह फैल गई। खेत और आसपास के इलाके में पगचिह्न होने की बात कहते हुए सूचना वन विभाग को दी गई। इधर, ग्रामीण एकजुट होकर गन्ने के खेत के पास पहुंच गए। कुछ ही देर में वन दरोगा वजीर हसन, बीट प्रभारी सत्यवीर सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। इसमें ग्रामीणों ने दी गई सूचना के मुताबिक बाघ के दहाड़ने और खेत के पास पगचिह्न मिलना बताया। ग्रामीणों को खेत से पीछे हटाने के बाद वनकर्मियों ने पड़ताल शुरू की। करीब तीन घंटे चली छानबीन के बाद न तो खेत में बाघ मिला, न ही पगमार्क। ग्रामीणों ने जो पगमार्क बताए वह ट्रेस किए गए तो कुत्ते के निकले। ग्रामीणों को आश्वस्त कर वन टीम वापस लौट गई। हालांकि कई ग्रामीण बाद में पगमार्क बाघ के होने की बात कहते हुए टीम पर औपचारिकता निभाने का आरोप लगाते रहे। वन दरोगा वजीर हसन ने बताया कि सूचना पर टीम के साथ मौके पर गए थे। पड़ताल में स्पष्ट है कि खेत पर मिले पगचिह्न बाघ के नहीं हैं।
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छुट्टी पर आए फौजी को दिखा तेंदुए का शावक
जराकोठी। माला रेंज से सटे बानगंज गांव में एक बार फिर तेंदुए की दस्तक हुई। इस बार मादा तेंदुआ नहीं, बल्कि उसका शावक दिखाई दिया है। गांव के निवासी गुलाब सिंह ने बताया कि उनके भाई गुरजन सिंह फौज में हैं और इन दिनों वह छुट्टी पर गांव आए हुए हैं। बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे गुरजन सिंह छत पर टहल रहे थे। इस बीच उनको मकान के पीछे की तरफ तेंदुए का शावक दिखा। शावक पास के गन्ने के खेत से निकलकर बाहर आया और करीब एक मिनट बाद ही वापस खेत में चला गया। सूचना मिलने पर पर वनकर्मियों ने मौके पर पहुंच जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 दिन पहले भी गांव में मादा तेंदुआ और उसके शावक देखे गए थे।
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गजरौला फार्म पर फिर मिले बाघिन के पगचिह्न
अमरिया। तहसील क्षेत्र के गजरौला फार्म पर अभी एक दिन पहले ही खेत पर काम करने गए मजदूरों को देख बाघिन ने दहाड़ लगा दी थी। इसकी दहशत अभी कम नहीं हो सकी थी कि शुक्रवार को फार्म हाउस के एक रास्ते पर बाघिन ने अपनी मौजूदगी का अहसास करा दिया। फार्म हाउस स्वामी पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह ने बताया कि उनका चौकीदार नरेश कुमार सुबह छह बजे खेत से लौटकर फार्म हाउस की तरफ आ रहा था। इस बीच परिसर में एक रास्ते पर बाघिन के पगचिह्न दिखाई दिए। इसकी सूचना वनकर्मियों को दी गई। निगरानी टीम के चेतन कुमार मौके पर पहुुंचे और पड़ताल की, इसमें पगमार्क बाघिन के निकले हैं।
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