पीलीभीत।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक और पूर्व विधायक वीएम सिंह ने कहा कि परेशान किसान की समस्या का हल जुमलों से नहीं होने वाला। चुनाव के समय किसानों से जो वादे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किए थे उन्हें पूरा करना होगा।
समिति की आठ अक्तूबर को पीलीभीत पहुंच रही किसान यात्रा की तैयारियों की रविवार को समीक्षा के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए वीएम सिंह ने कहा कि किसानों का कर्जा माफ करने का नारा देकर भाजपा सत्ता में आई है लेकिन उसकी नीयत में खोट है। सरकार सिर्फ उन लघु सीमांत किसानों का कर्जा माफ कर रही है, जो डिफॉल्टर हैं। अधिकांश किसान अब भाजपा के हाथों अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक देश और प्रदेश में रही सरकारों ने कभी भी किसान हित की बात महज इसलिए नहीं की क्योंकि हर किसान संगठन अलग-अलग संघर्ष करता था इसलिए मंसौर में किसानों की हत्या के बाद से देश के 174 किसान संगठनों के लोगों ने इसे महसूस कर पूरे देश में एक साथ मिल कर किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए समन्वय समिति का गठन किया है। संयुक्त रूप से देश के किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ सरकार को चेताने के लिए देश की अब तक की सबसे बड़ी किसान यात्रा निकाली जा रही है। करीब 10 हजार किलोमीटर की दूरी यह किसान यात्रा तय कर चुकी है। यह यात्रा आठ अक्तूबर को पीलीभीत पहुंच रही है। यशवंतरी देवी मंदिर मैदान में बड़ी सभा होगी। इसमें तराई के पीलीभीत और लखीमपुर जिले से कई हजार किसान हिस्सा लेंगे। वीएम सिंह ने कहा कि आठ अक्तूबर को पीलीभीत में होने वाली इस किसान सभा को योगेंद्र यादव, अखिलेंद्र प्रताप सिंह, राजाराम, मेघा पाटकर, राजू सेठी समेत कई बड़े नेता संबोधित करेंगे। वीएम सिंह ने बताया कि जिले में सक्रिय सभी किसान संगठन भी जुट गए हैं।
इससे पहले वीएम सिंह दोपहर यहां पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बाद में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विभिन्न किसान संगठनों से सभा की सफलता के लिए जुट जाने का आह्वान किया। इस मौके पर किसान मजदूर संगठन के जिला प्रभारी यूसुफ मलिक, जिलाध्यक्ष सर्वदत्त सिंह आदि मौजूद रहे।