पीलीभीत। शहर के निकट बन रहे नए बाईपास से गुजरने वालों को पेड़ों की ठंडी छांव मिलेगी। इसके लिए निर्माणाधीन बाईपास के दोनों ओर अभी से पौधारोपण किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने 12 किमी लंबे इस बाईपास पर दो हजार पौधे लगाने की योजना बनाई है।
शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए पिछले दिनों असम रोड से माधोटांडा मार्ग होते हुए टनकपुर मार्ग को जोड़ने के लिए नए बाईपास का निर्माण शुरू कराया गया था। लगभग 12 किमी लंबे इस बाईपास पर इस समय काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रदीप रस्तोगी ने बताया कि पूर्व में बरेली पीलीभीत मार्ग छायादार पेड़ों के लिए मशहूर था जिससे गर्मी के समय में भी यात्रा करने में कोई असुविधा नहीं होती थी। वहीं वर्तमान में छतरी चौराहे से कचहरी की ओर जाने वाले मार्ग को भी पेड़ों की अधिकता के कारण ठंडी सड़क के नाम से जाना जाता है। इन मार्गों की तर्ज पर पीलीभीत के नए बाईपास को भी छायादार बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत मार्ग के दोनों और इस वित्तीय वर्ष में छायादार और फलदार प्रजाति के दो हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्थान चिह्नित कर जरूरत के हिसाब से पौधों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। पौधों के विकसित हो जाने पर इस मार्ग से गुजरने वालों को काफी राहत मिलेगी।
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आज विधायक करेंगे पौधारोपण का शुभारंभ
पीलीभीत बाईपास को छायादार बनाने के लिए पौधारोपण की योजना का शुभारंभ बुधवार को क्षेत्रीय विधायक किशनलाल राजपूत करेंगे। अधिशासी अभियंता ने बताया कि सुबह 10 बजे माधोटांडा मार्ग के तीसरे किमी स्टोन के निकट गुजरने वाले बाईपास पर बरखेड़ा विधायक पौधरोपण करेंगे।