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मंदसौर में किसानों की हत्या पर भड़की भाकियू

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अमर उजाला ब्यूरो
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पीलीभीत। मंदसौर में पुलिस फायरिंग से हुई किसानों की हत्या के विरोध में भाकियू कार्यकर्ता भड़के उठे। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मंडी गेट पर जाम लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर फायरिंग कांड की सीबीआई जांच कराने आदि की मांग की गई।
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भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर जिले भर के भाकियू कार्यकर्ता बुधवार को मंडी समिति परिसर स्थित कृषक विश्राम गृह में एकत्र हुए। यहां हुई पंचायत में मंदसौर में आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग से हुई किसानों की मौत पर केंद्र सरकार की निंदा की गई। कहा गया कि भाजपा की केंद्र सरकार अंग्रेजी शासन की तरह मध्यप्रदेश सरकार दमनकारी नीतियां अपनाकर किसानों की जान ले रही है। इस तरह का कृत्य लोकतंत्र पर धब्बा है। पंचायत के बाद कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए रामलीला रोड स्थित मंडी गेट पर पहुंचे। यहां उन्होंने सांकेतिक जाम लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में फायरिंग कांड के दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और फायरिंग कांड की सीबीआई जांच कराने, डॉ. स्वामीपनाथन रिपोर्ट लागू करने, किसानों के लिए पेंशन योजना लागू करने, कृषि लागत दर घटाने के लिए प्रयोग में आने वाली सभी वस्तुओं को जीएसटी से बाहर रखने, किसानों के सहकारी और निजी बैंकों के समस्त कर्ज माफ करने, मुख्य फसलें, फलों, दूध आदि का लाभकारी मूल्य घोषित कर खरीद की गारंटी लेने, जैव परिवर्तित फसलों पर रोक लगाने, कृषि आयात पर प्रतिबंध लगाने, आंदोलन के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने और जेलों में बंद कार्यकर्ताओं को रिहा कराने की मांग की गई। विरोध प्रदर्शन में मंडल संगठन मंत्री भजन लाल क्रोधी, जिलाध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंजीत सिंह, जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल वर्मा, ब्लाक अध्यक्ष सूरत सिंह फौजी, सुल्तान खां, नरेश चंद्र मिश्रा, मुरलीधर कश्यप, सुरेश चंद्र, लुकमान सिंह, रामबहादुर, ओमप्रकाश, रामेश्वरदयाल, काशीराम, प्रेमशंकर वर्मा, रामचंद्र लाल, भगवानदास, निर्मल सिंह, रामप्रसाद, रामचंद्र पासवान, अमर सिंह, रामनरेश तिवारी, ऊषा देवी, सोमवती, कमलादेवी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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