पीलीभीत। बारिश और तेज हवा से शहर की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। फाल्ट के चलते रात भर बिजली गुल रही। दूसरे दिन मंगलवार को भी तारों के टूटने का सिलसिला जारी होने पर बिजली सप्लाई को ठप रही। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी टीम के साथ सुधार कार्य में लगे रहे। वहीं शहरवासियों के सामने बिजली की कटौती के चलते पानी की समस्या भी बनी रही। बीच-बीच में कुछ देर को सप्लाई हुई, हालांकि इससे कोई खास राहत नहीं मिल सकी। मौसम में हुए बदलाव के बाद सोमवार देर शाम सबसे पहले अशोक कॉलोनी में संतराम सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में लगे ट्रांसफॉर्मर से चिंगारियां निकलने के बाद बंच केबल टूट गई थी। इससे इलाके की बत्ती गुल हो गई थी। इसके बाद जिला अस्पताल की लाइन में खराबी आने से रामलीला फीडर बंद हो गया। किसी तरह से पावर कॉरपोरेशन के अफसरों ने 11 हजार की लाइन से इसको सुचारु किया, लेकिन देर रात दोबारा फाल्ट हो गया। 12 बजे के बाद गौहनिया चौराहा के पास बिजली के तार टूट गए। निरंजनकुंज और नकटादाना फीडर बंद हो गया। यहां पर भी तेज हवा से हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस लाइन में खराबी आने के बाद 33 हजार की लाइन में भी फाल्ट आ गया। रात भर एसडीओ रनवीर सिंह की अगुवाई में टीमें लगी रही, लेकिन फाल्ट का पता नहीं लग सका। इधर, बारिश न रुकने पर काम बाधित हो गया और टीमें लौट गई। दूसरे दिन मंगलवार सुबह छह बजे से दोबारा कार्य शुरू कराया गया। जिसके बाद 33 हजार केवीए की लाइन में हुई गड़बड़ी पकड़ी जा सकी। गौहनिया चौराहा पर हुए फाल्ट के चलते बरेली रोड पर 33 हजार की लाइन का केबल बक्शा खराब हो गया था। सुबह करीब दस बजे सप्लाई को शुरू कराया गया, लेकिन तेज हवा के चलते आवास विकास, टनकपुर हाईवे समेत कई स्थानों पर तार टूटने लगे। जिसके चलते चंद मिनट बाद ही दुबारा सप्लाई ठप हो गई। रात भर बिना बिजली के जैसे तैसे गुजारने के बाद दूसरे दिन मंगलवार को भी राहत नहीं मिली। इसका असर घरेलू कामकाज पर भी पड़ा। शहर के अधिकांश घरों में पानी की व्यवस्था विद्युत मोटर के सहारे होने के कारण लोगों को पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ा। बीच-बीच में आ रही सप्लाई से लोग राहत पाने की नाकाम कोशिश करते रहे।
बारिश और हवा से कई स्थानों पर खराबी आने से सप्लाई सोमवार रात को बाधित रही है। सभी जगहों पर सुधार करा दिया गया है। मंगलवार को हवा चलने पर तार टूटने की शिकायतें आ रही थी। इसलिए एहतियातन सप्लाई बंद रखी गई है। हवा का रुख कम होते ही बिजली सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी। - रनवीर सिंह, एसडीओ (पावर कॉरपोरेशन)