योजनाएं तमाम फिर भी दिव्यांग परेशान
पीलीभीत। दिव्यांगों की मदद के लिए सरकार भले कई योजनाएं चलाने का दावा कर रही है, लेकिन इनका लाभ उन तक कितना पहुंच रहा है, इस पर गौर करने वाला कोई नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 22 हजार दिव्यांगों के बैंक खाते में पांच सौ रुपये प्रति माह पेंशन भेजी जा रही है। बाकी दिव्यांग सरकारी पेंशन पाने को इधर-उधर भटक रहे हैं।
दिव्यांगता को अभिशाप मानते हुए शासन नि:शक्तजनों को राहत देने के लिए पेंशन, कृत्रिम अंग वितरण करने के साथ कई योजनाएं चला रही है। मगर इनका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। समय-समय पर विकलांग कैंप का आयोजन कर संस्थाएं एवं विभाग दिव्यांगों को सुविधाएं देने का प्रयास करते हैं, बावजूद इसके जिला पूरी तरह संतृप्त नहीं हो पाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग 37 हजार दिव्यांग पंजीकृत हैं। इनमें 22,661 को विभाग से 500 रुपये प्रति माह की पेंशन मिल रही है। इसके अलावा 186 में 182 कुष्ठ रोगियों को पेंशन मिल रही है। वर्तमान में करीब आठ सौ आवेदन लंबित हैं, जिनकी ऑनलाइन फीडिंग की जा चुकी है।
कान की मशीन के लिए भटक रहे जमील
न्यूरिया के जमील अहमद कई महीनों से कान की मशीन के लिए भटक रहे हैं। जमील ने बताया कि भागदौड़ में वह अपनी मेहनत की कमाई लगा रहे हैं। हर बार उन्हें दस्तावेजों में कमी बताकर टरका दिया जाता है।
महीनों से खाते में नहीं पहुंची पेंशन
बरखेड़ा के कबूलपुर गांव निवासी नन्हेलाल ने बताया कि पांच सौ रुपये पेंशन मिल रही थी। पांच महीने से खाते में पेंशन नहीं पहुंची है। तीन बार विकास भवन के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
दुकान निर्माण और संचालन योजना
दिव्यांगों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 हजार तक की धनराशि निजी भूमि पर दुकान निर्माण के लिए दी जाती है। जिन दिव्यांग के पास अपनी भूमि नहीं है, उन्हें दुकान संचालन के लिए 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसमें सरकार की तरफ से ढाई हजार रुपये का अनुदान है। बाकी रकम चार प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करनी होगी। अभी तक सिर्फ 26 दिव्यांगों को ही इस योजना का लाभ मिला है।
ये भी योजनाएं
इसके अलावा भी सरकार की बहुत सी योजना है जो दिव्यांग के लिए है। जैसे दिव्यांग निवारण के लिए शल्य चिकित्सा के लिए अनुदान, राज्य परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगों को नि:शुल्क यात्रा, शासकीय सेवा में दिव्यांग को आरक्षण की व्यवस्था और विशिष्ट दिव्यांगों को राज्य स्तरीय पुरस्कार के साथ-साथ जलकर और हाउस टैक्स में दृष्टिहीन और दिव्यांग को सौ फीसदी से लेकर पचास फीसदी तक छूट प्रदान की भी व्यवस्था है।
वर्जन-
दिव्यांगजनों को विभागीय सुविधाएं देने को समय-समय पर कैंप भी लगाए जा रहे हैं। पेंशन के लिए आवेदन प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन फीड कराया जाता है। आवेदन अथवा बैंक खाता नंबर आदि के कारण कभी-कभी पेंशन मिलने में दिक्कत हो जाती है।
- केपी सिंह, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी