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अब हाई क्वालिटी नाइट वीजन कैमरों से की जाएगी जंगल की सुरक्षा

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अब हाई क्वालिटी नाइट विजन कैमरों से की जाएगी जंगल की सुरक्षा
टाइगर रिजर्व के हर रेंज में लगेंगे छह-छह कैमरे
क्रासर
वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को देखते हुई शुरू की जा रही कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के जंगल की सुरक्षा में सुधार करने के लिए अब कैमरों से नजर रखी जाएगी। इसके लिए हाई क्वालिटी नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे वायरलेस से अटैच होंगे। सॉफ्टवेयर के माध्यम से अधिकारी किसी भी कैमरे के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। इनका कंट्रोल रूम मुख्यालय पर रखे कंप्यूटर की स्क्रीन से जुड़ा होगा। जल्द ही कैमरे को लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को बेहतर करने के लिए अधिकारी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस क्रम में कैमरों से निगहबानी पर भी टाइगर रिजर्व प्रशासन संजीदा हुआ है। पिछले दिनों जंगल में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए टाइगर रिजर्व ने बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। प्रस्ताव में कुछ बजट मंजूर होने के बाद अधिकारियों ने अन्य कार्यों के अलावा जंगल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर जंगल के कुछ चिह्नित स्थानों पर लगभग दस लाख की लागत से प्रत्येक रेंज में छह कैमरे लगाए जाने है। फिलहाल 12 कैमरों को लगाने का कार्य जल्द ही शुरू किया जा रहा है।
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वायरलेस युक्त कैमरे वाईफाई से करेंगे काम
वन्यजीवों की सुरक्षा व जंगल में होने वाली अवैध घुसपैठ को देखते हुए इन नाइटविजन कैमरों को दस मीटर की ऊंचाई पर टावर अथवा पेड़ के सहारे लगाया जाएगा। कैमरा दिन में 65 मीटर तक व रात को 45 मीटर दूरी तक होने वाली गतिविधियों को कैद करेगा। चार्ज करने के लिए कैमरे की मात्रा अनुसार सोलर पैनल लगाए जाएंगे। कैमरों की कार्य अवधि दो वर्ष तक रहेगी। यह कैमरे वाईफाई के माध्यम से सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े जाएंगे। खास बात यह हैं कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से भी कैमरों की जांच की जा सकती है।
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यहां लगाए जाएंगे कैमरे
टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल की सुरक्षा की दृष्टि से कैमरे लगाने को कार्रवाई तेज कर दी है। इसमें प्रत्येक रेंज में छह: नाइटविजन कैमरे लगवाए जाने हैं। फिलहाल अभी कार्यदायी संस्था 12 कैमरे लगाने को कार्य शुरू करने जा रही है। ऐसे में इन कैमरों को जंगल के जलाशयों के आसपास समेत कुछ संवेदनशील जगहों पर लगाने की योजना है ताकि जंगल में विचरण कर रहे वन्यजीव एवं अन्य अवैध घुसपैठ की घटनाओं पर नजर रखी जा सके।
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जंगल में वन्यजीवों की सुरक्षा व सामने आने वाली अवैध घुसपैठ की घटनाओं के बाद इसके रोकथाम के प्रयास किए जा है। जिसके चलते जंगल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर कैमरे लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कार्यदायी संस्था से वार्तालाप चल रहा है। जल्द ही कैमरे लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। - आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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