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अब पंडरी कटैया में मिले बाघ के पगचिन्ह

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पंडरी कटैया में मिले बाघ के पगचिह्न
ग्रामीणों ने की कैमरे लगाने की मांग, दहशत
डीएफओ निगरानी टीम संग पहुंचे, जुटाई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
मझोला/पीलीभीत। तहसील अमरिया क्षेत्र में एक बार फिर बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। इस बार बाघ ने पंडरी कटैया गांव में अपनी मौजूदगी का अहसास कराया। इसकी सूचना मिलने पर डीएफओ संजीव कुमार निगरानी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। इस दौरान बाघ के पगमार्क भी ट्रेस किए गए। इधर, ग्रामीणों ने कई दिनों से बाघ की दस्तक देखते हुए कैमरे लगवाने और बाघ को वापस जंगल में छुड़वाने की मांग विभागीय अधिकारियों से की है।
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तहसील अमरिया क्षेत्र के पंडरी कटैया गांव निवासी फार्मर हरपाल सिंह ने बताया कि गांव में पिछले कई दिनों से बाघ की चहलकदमी हो रही है। सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनके फार्म हाउस के बाहर पालतू कुत्ते भौंकना शुरू हो गए। इस पर वह जागे और बाहर की तरफ निकल रहे थे कि कुत्ते शांत होकर फार्म हाउस के भीतर घुसने लगे। यह देख उनको बाघ की दस्तक का अहसास हुआ। जिसपर वह कुत्तों को लेकर अंदर आ गए और दरवाजे बंद कर लिए। उजाला होने पर कुछ देर बाद वह दोबारा बाहर निकले। आसपास बाघ की मौजूदगी का पता लगाने का प्रयास किया तो फार्म हाउस से मात्र पचास मीटर दूर रास्ते पर बाघ के पगमार्क पास के गन्ने के खेत तक मिले। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। कुछ ही देर में मौके पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद वन विभाग की निगरानी टीम के प्रभारी अवनेश कुमार गंगवार, सोमपाल, चेतन कुमार, अंकित कुमार मौके पर पहुंचे और पगमार्क ट्रेस किए। वहीं सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार ने भी ग्रामीणों से बातचीत कर जानकारी की। इस दौरान हरपाल सिंह व अन्य फार्मरों ने टीम से कैमरे लगवाने व बाघों को वापस जंगल में छुड़वाने की मांग की। डीएफओ ने बताया कि ग्रामीणों को अलर्ट कर आवश्यक जानकारी दी गई है। बाघों को पकड़ने के लिए पूर्व में ही शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसका जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई हो सकेगी। विभागीय स्तर से इस मामले में गहनता से विचार किया जा रहा है।
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