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ओडीएफ को लेकर डीएम गंभीर, समीक्षा बैठक में दिया लक्ष्य

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ओडीएफ को लेकर डीएम गंभीर, समीक्षा बैठक में दिया लक्ष्य
मार्च तक 631 गांव करो ओडीएफ, पात्र लाभार्थियों की सूची मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। ओडीएफ की लेकर डीएम शीतल वर्मा ने बुधवार को गांधी सभागार में जिला पंचायत विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ बैठक कर ओडीएफ गांवों की समीक्षा की। डीएम ने दिसंबर तक 300 गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य पूरा नहीं करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने 31 मार्च तक 631 गांवों को ओडीएफ यानी खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य देते हुए नदी किनारे बस गांवों के पात्र लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत अधिकारी से देने को कहा। समीक्षा बैठक में मौजूद डीपीआरओ, बीडीओ, एडीओ, खंड प्रेरकों आदि को गांवों के ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कहा गया। मार्च तक विकास खंड ललौरीखेड़ा और बरखेड़ा को ओडीएफ करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अमर उजाला लगातार ओडीएफ को लेकर पंचायत विभाग की कारगुजारी दिखा रहा है। डीएम भी जिले में ओडीएफ की स्थिति को लेकर गंभीर है। जिले की 721 ग्राम पंचायतों और 1264 राजस्व गांवों को दो अक्टूबर तक ओडीएफ घोषित करना है। नदी किनारे गांवों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। डीएम शीतल वर्मा ने नदी किनारे बसें गांवों के ग्राम पंचायत अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों की सूची मांगी है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला कंसलटेंट हेमेंद्र ने बताया कि लाभार्थी पैसा मिलने के बाद शौचालय तो बना रहें हैं, लेकिन उसका उपयोग नहीं कर रहे। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जमीनी स्तर पर किए गए सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे है। कई गांवों की स्थिति तो ऐसी है जहां टीम के पहुंचने के बाद ग्रामीण खुले में शौच के लिए नहीं जाने की बात करते है लेकिन टीम के लौटते ही पुराने ढर्रे पर आ जाते है। संकल्प पत्र भरने के बाद अपने रुपयों से शौचालय बनाने वाले विकास खंड बरखेड़ा के 53 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दे दिया गया। इन लाभार्थियों के खाते में पैसा भेजा जा रहा है। इससे पूर्व डीएम ने विकास कार्यों को लेकर भी समीक्षा की।
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