पीलीभीत। शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को शहर के नौ परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। मूल अभिलेख न लाने पर कई परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया गया। इसको लेकर परीक्षार्थियों व सिटी मजिस्ट्रेट के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन कई प्रयास के बाद भी उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। जिसको लेकर परीक्षार्थियों में खासा रोष देखा गया। डीएम शीतल वर्मा समेत अन्य अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा का जायजा लिया।
टीईटी परीक्षा को लेकर रविवार सुबह आठ बजे से ही परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। प्रथम पाली में सुबह दस बजे से ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय, चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बेनहर पब्लिक स्कूल व सेंट एलायसियस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दस बजे परीक्षा शुरू हुई जो 12.30 बजे समाप्त हुई। परीक्षा केंद्र के गेटों पर परीक्षार्थियों की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति दी गई। डीएम शीतल वर्मा ने ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय समेत अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा का जायजा लिया और अधीनस्थों को शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए।
सचल दल प्रभारी व डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा, बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति व डायट प्राचार्य गजेंद्र कुमार ने परीक्षा केंद्रों पर छापामारी कर परीक्षा का जायजा लिया। दूसरी पाली में 2.30 बजे से शाम पांच बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई। यह परीक्षा ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय, चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बेनहर पब्लिक स्कूल, सेंट एलायसियस कॉलेज, सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज व वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में हुई। द्वितीय पाली के दौरान भी सचल दल समेत सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा, एसडीएम वंदना त्रिवेदी, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल समेत अन्य अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर जाकर परीक्षा का जायजा लिया। वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर दोनों की ही परीक्षा दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद शहर के टनकपुर हाईवे, स्टेडियम रोड, स्टेशन रोड पर जाम की स्थिति पैदा हो गई।
50 से अधिक परीक्षार्थियों की छूटी परीक्षा, सिटी मजिस्ट्रेट से नोकझोंक
टीईटी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों से परीक्षा के दौरान मूल अभिलेख लाने के निर्देश दिए गए थे। जिन परीक्षार्थियों के मूल अभिलेख कहीं जमा थे, उन परीक्षार्थियों को किसी अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभिलेखों की छाया प्रति लाने को कहा गया था। इधर प्रथम पाली के दौरान जीजीआईसी परीक्षा केंद्र पर मूल अभिलेख न होने के चलते कई परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया गया। इस बीच नवाबगंज से आई परीक्षार्थी विनीता बेहोश होकर गिर पड़ी। इस पर परीक्षार्थी भड़क उठे। उन्होंने गलत तरीके से परीक्षा में शामिल होने से रोकने का आरोप लगाया। इस बीच सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा पहुंचे। उन्होंने अभिलेख होने या सत्यापित अभिलेखों की छायाप्रति होने पर परीक्षा में शामिल होने की बात कही। इसको लेकर परीक्षार्थियों व सिटी मजिस्ट्रेट के बीच नोकझोंक भी हो गई। एक युवक द्वारा अभद्रता करने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन बाद में युवक की पत्नी के कहने पर उसे छोड़ दिया गया। कमोवेश यही स्थिति अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी रही। अभिलेख न होने के चलते 50 से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए।