हजारा/पीलीभीत। शारदा नदी की बाढ़, कटान और तेज धार से राणाप्रताप नगर के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। कटान रोकने को किए सभी कार्य शारदा की धार में समाहित हो गए हैं। गांव से नदी मात्र 30 मीटर दूरी पर रह गई। इस पर ग्रामीण अपने आशियाने को खुद तोड़कर पलायन करने लगे हैं।
ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी का तांडव जारी है। पिछले कुछ दिनों से राणा प्रताप नगर की ओर बढ़ रही शारदा को रोकने के लिए विभाग के अलावा स्थानीय लोगों ने कारसेवा की थी। पेड़, झाड़ झंकाड़ के साथ बांस के कटर बनाकर भी लगाए गए, लेकिन नदी की तेज धार के आगे सब बेकार साबित हुए। अब तक फौरी तौर पर किया गया लगभग सभी काम शारदा में समा गया। क्षेत्र के समाजसेवी प्रभुनाथ मिश्र द्वारा बनवाया गए आश्रम सहित कई एकड़ जमीन बुधवार को शारदा में समा गई। बाढ़ और कटान में नियंत्रण न होने से भयभीत लोगों ने अब पलायन शुरू कर दिया है। लोग अपने मकान, झोपड़ी, टिनशेड आदि खुद तोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं। शारदा के कटान में बुधवार को पंचदेव सिंह, रामकुमार गुुप्ता, सोमनाथ यादव, लालबाबूू, फिरतु, यदुनंदन, मोतीलाल, बाबूराम सहित कई लोगों की जमीनें कट गई।