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1300 विद्यार्थी, पढ़ाने के लिए मात्र एक प्रवक्ता

Tue, 12 Jul 2016 11:40 PM IST
पीलीभीत, ब्यूरो
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जिस राजकीय इंटर कॉलेज में 1300 विद्यार्थियों को शिक्षित करने को मात्र एक प्रवक्ता तैनात हो भला ऐसे कॉलेज के होनहार बच्चों का भविष्य क्या होगा? यह चिंता जनपद की सांसद या विधायक को भले न हो, लेकिन यहां के जागरूक लोग अभिभावक संघ के माध्यम से कॉलेज में प्राइवेट टीचर रखकर शिक्षण कार्य करवा रहे हैं। बात राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई की हो रही है, जहां 20 किमी तक दूर-दूर तक कोई अन्य कॉलेज नहीं है।
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बाइस किमी लंबे शारदा डैम की तलहटी में बसी हरित पट्टी को पूर्वांचल से आए लोगों सहित बंगाली विस्थापितों ने बसाया था। इस इलाके की जमीन बाढ़ प्रभावित एवं दलदली होने के बावजूद सोना उगल रही है। खास बात यह है कि यहां के मेहनतकश लोग शिक्षा के प्रति खासी दिलचस्पी रखते हैं।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दिया था कॉलेज
वर्ष 1989 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी जब यहां पहुंचे तो उस दौरान यहां बंगाली समुदाय कांग्रेस का सबसे मजबूत वोट बैंक माना जाता था। क्षेत्रीय लोगों की मांग पर उन्होंने गभिया सहराई में एक राजकीय इंटर कॉलेज को मंजूरी दी थी। पूरी तलहटी में शिक्षा का कोई साधन नहीं था और जब विद्यार्थियों के एडमिशन शुरू हुए तो यह संख्या बढ़ती गई। वर्तमान में इस कॉलेज में 1300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। 
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महज के प्रवक्ता के जिम्मे 1300 विद्यार्थी
इस कॉलेज में इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को पढ़ाने की व्यवस्था महज एक मजाक के रूप में ही नजर आती है। यहां तैनात प्रधानाचार्य तौलेराम वर्मा विभागीय कार्यों से बाहर आते-जाते रहते हैं। मात्र एक रसायन विज्ञान प्रवक्ता शमशुद्दीन अंसारी और एक बाबू टीएन गोस्वामी यहां तैनात हैं। दोनों मिलकर कॉलेज का संचालन कर रहे हैं। 

यह हुए थे प्रयास
प्रधान शंकर राय समेत तमाम जागरूक लोग विधायक पीतमराम के साथ कई बार शिक्षा मंत्री व शिक्षा निदेशक माध्यमिक से मिले। जिसके बाद यहां छह प्रवक्ताओं को भेजने की तैयार की गई, लेकिन जांच में चार प्रवक्ताओं के अभिलेख फर्जी पाए गए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए। शेष दो बचे प्रवक्ताओं ने अपने तबादले करा लिया। 
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निजी टीचर से चलाया रहा है काम
कॉलेज में नौ प्रवक्ता, 12 एलटी प्रवक्ता का पद सृजित है, लेकिन मात्र एक प्रवक्ता के कंधों पर ही कॉलेज चल रहा है। पिछले वर्षों में तैनात रहे प्रधानाचार्य शमशाद अहमद के प्रयासों से अभिभावक संघ का गठन किया गया। उन्होंने बच्चों के भविष्य की चिंता का हवाला देते हुए कुछ निजी टीचर रखने की राय दी, जिसके बाद यहां अभिभावक संघ ने निजी टीचर रखकर बच्चों को पढ़वाना शुरू किया। 
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वर्षों से जनप्रतिनिधियों के काट रहे हैं चक्कर
प्रधानाचार्य तौलेराम कहते हैं कि वह प्रवक्ताओं की डिमांड बराबर भेज रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रवक्ता नहीं भेजा गया है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष डॉ. विधान मंडल, पूर्व प्रधान शंकर राय, प्रधान दीपाली राय, आशा मिस्त्री, भूदेव दास कहते हैं कि कॉलेज में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दूर-दूर तक कोई कॉलेज नहीं है। यहां प्रवक्ताओं की तैनाती होनी चाहिए।
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