पीलीभीत। शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात सही करने की कवायद के पहले चरण में जिले के 128 परिषदीय स्कूलों का विलय (पेयरिंग) किया गया। इन स्कूलों के बच्चों को नजदीकी स्कूलों से जोड़ा गया है। 50 से कम विद्यार्थी संख्या वाले अन्य स्कूलों के युग्मन की प्रक्रिया अब भी चल रही है। तीन वर्षों से शून्य छात्र संख्या वाले मरौरी ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल नगफन का भी विलय हो गया है। हालांकि शिक्षक संगठन स्कूलों के विलय के विरोध में हैं।
जिले में करीब 1499 परिषदीय स्कूल हैं। सबसे अधिक 397 विद्यालय पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र में आते हैं। इनमें भी शारदा पार इलाके में विद्यालयों की संख्या 38 है। यहां 100 से अधिक स्कूलों में विद्यार्थी संख्या 50 से कम है। विद्यार्थी–शिक्षक अनुपात में असंतुलन की स्थिति बीसलपुर, बिलसंडा, मरौरी, ललौरीखेड़ा और अमरिया के स्कूलों में भी है।
स्कूलों की पेयरिंग (युग्मन ) का आदेश आने के बाद अफसर स्कूलों में विद्यार्थी संख्या और शिक्षकों की तैनाती का आंकड़ा जुटाने में लगे थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि पहले चरण में 128 स्कूलों का युग्मन किया गया है। इसमें सबसे अधिक 26 स्कूल बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र के हैं। अन्य स्कूलों का आंकड़ा जुटाया गया है। प्रक्रिया चल रही है।
पूरनपुर ब्लॉक के 24 परिषदीय विद्यालयों का हुआ विलय
पहले चरण में पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के 24 परिषदीय विद्यालयों का युग्मन किया गया है। ब्लॉक क्षेत्र के करीब 105 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या 50 से कम है। अन्य ब्लाॅकों के कई स्कूल भी इस श्रेणी में शामिल है। दूसरे चरण की प्रक्रिया में युग्मन वाले स्कूलों का आंकड़ा बढ़ सकता है। पहले चरण में अमरिया ब्लॉक क्षेत्र के 17, मरौरी के करीब नौ, बीसलपुर के करीब 12 और नगरक्षेत्र के तीन स्कूलों का युग्मन हुआ है।
स्कूलों की दूरी से अटक रही प्रक्रिया
पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र में 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों की संख्या अधिक है। स्कूलों के बीच के दूरी अधिक होने से युग्मन की प्रक्रिया अटक रही है। अन्य ब्लाॅकों में भी स्कूलों की दूरी का असर युग्मन पर पड़ा है। यही वजह रही कि पहले चरण में सिर्फ 128 स्कूलों का विलय हो सका है।
वैबहा से जोड़ा गया प्राथमिक विद्यालय नगफन
मरौरी ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगफन में पिछले तीन शिक्षा सत्रों से एक भी विद्यार्थी पंजीकृत नहीं है। स्कूल में तीन शिक्षकों और एक शिक्षामित्र की तैनाती है। इस स्कूल को वैबहा से जोड़ा (पेयरिंग) गया है। इसी तरह कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों का भी युग्मन किया गया है। अमरिया ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगत में भी सिर्फ दो बच्चे पंजीकृत हैं।
स्कूलों का विलय पूरी तरह गलत
पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी मिली है। स्कूलों का विलय पूरी तरह गलत है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। अभिभावक अपने बच्चों को दूर के स्कूल में नहीं भेजेंगे। इससे उपस्थिति घटेगी। शिक्षा पर असर पड़ेगा।
-लाल करन, जिलाध्यक्ष, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, पीलीभीत
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत एक किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय होना चाहिए। स्कूलों के विलय से दूरी बढ़ेगी और अभिभावक छोटे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इससे उपस्थिति और बच्चों की शिक्षा दोनों पर असर पड़ेगा।
-दयाशंकर, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ, पीलीभीत
प्राथमिक विद्यालय नगफन। संवाद
प्राथमिक विद्यालय नगफन। संवाद