परिसीमन और पुनर्गठन के बाद इस बार जिले में 122 ग्राम पंचायतें बढ़ गई थीं। नये बढ़े गांव में पहली बार चुनाव के बाद मतदाताओं ने अपना प्रधान चुना है। नये गांव के प्रधान मिलाकर जिले के गांव के विकास की जिम्मेदारी अब 721 प्रधानों को मिल गई है। चुनाव जीते प्रधानों को अब जनता की कसौटी पर खरा उतरना होगा।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों का परिसीमन और पुनर्गठन किया गया था। इससे जिले में 122 नई ग्राम पंचायतें बनाई गई। नई ग्राम पंचायत बनने के बाद पहली बार इन गांवों में प्रधानी के वोट डाले गए। अपना अलग प्रधान चुनने को जहां गांव में उत्साह था वहीं पहला प्रधान बनने वालों ने भी मतदाताओं से विकास के बड़े बड़े वादे किए।
रविवार को चुनाव परिणाम आने के बाद अब इन गांवों की स्थिति साफ हो गई है। पहला प्रधान बनकर गांव की जिम्मेदारी उनके कंधे पर आ गई है। वहीं पूर्व से ग्राम पंचायत रहे गांव में भी प्रधान चुने गए। इसमें कुछ अपने पति को जिताने में कामयाब रहे तो कई प्रधान पराजित हो गए। चुनावी हार जीत के बाद अब वक्त आ गया है गिले शिकवे भूलकर गांव के विकास की नई और बेहतर इबारत लिखी जाए।
ग्राम पंचायतों की ब्लाकवार स्थिति
ब्लाक पहले नये गांव कुल
अमरिया 91 14 105
बरखेड़ा 76 09 85
बीसलपुर 67 11 78
मरौरी 69 26 95
ललौरीखेड़ा 59 10 69
बिलसंडा 81 19 100
पूरनपुर 156 33 189
योग 599 122 721