पीलीभीत। नगरपालिका बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 1,42,03,000 रुपये मुनाफे का संशोधित बजट पेश किया गया। सदस्यों ने बिना किसी शोर शराबे के बजट पर अपनी सहमति जता दी। वारिसान शुल्क का प्रस्ताव एक सदस्य के विरोध के चलते पास नहीं हो सका।
नगर पालिका सभागार में सोमवार को अध्यक्ष विमला जायसवाल की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। बैठक में वर्ष 2018-19 (छह माह) के लिए 29,21,40,000 रुपये आय के सापेक्ष 27,79,37,000 रुपये व्यय का संशोधित बजट पेश किया। सदस्यों द्वारा चर्चा के बाद संशोधित बजट आखिरकार तीसरी बार में बिना किसी शोर शराबे के पास कर दिया गया। बैठक में अध्यक्ष विमला जायसवाल बजट पास होने के बाद जरूरी कार्य के चलते बैठक से चली गई। इसके बाद बोर्ड के समक्ष वारिसान शुल्क 250 रुपये रखने का प्रस्ताव रखा गया। जिस पर सदस्य पुष्पा उपाध्याय ने आपत्ति जताई। सदस्य देवी सिंह ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बैठक के अंत तक वे शुल्क न देने की बात पर अड़ी रही। लिहाजा वारिसान शुल्क का प्रस्ताव पास नहीं नहीं हो सका। सदस्य संजीव सक्सेना ने गृहकर, जलकर व यूजर चार्जेज के प्रस्ताव पर बैठक में तीसरी बार आपत्ति जताई। उनका कहना है कि उक्त सभी करों को बिना सदस्यों की सहमति से बोर्ड बैठक में पास दिखाया जा रहा है। बैठक में ईओ निशा मिश्रा, लेखाकार विनोद त्रिपाठी, जेई निर्माण इंद्रजीत सिंह, जेई जलकल सोमप्रकाश, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आबिद अली, अफसर हसन खां, महेंद्र पाल, लियाकत हुसैन, अवतार सिंह, जगन्नाथ प्यारे, आलोक सिंह समेत सभी सदस्य मौजूद रहे।
तीसरी बैठक में पास हो सका बजट
बोर्ड बैठक में वर्ष 2018-19 का संशोधित बजट सोमवार को हुई तीसरी बैठक में पास हो सका। इससे पूर्व संशोधित बजट को लेकर 26 नवंबर को बैठक हुई। जिसमें सदर विधायक संजय सिंह गंगवार व अध्यक्ष विमला जायसवाल के बीच मतभेद व ईओ की अनुपस्थिति के चलते बजट पास नहीं हो सका था। इसके बाद 18 दिसंबर को संशोधित बजट को लेकर बैठक हुई, लेकिन इस बैठक में भी सदस्यों के बैठक का बहिष्कार किए जाने के चलते बजट पास नहीं हो सका था।