प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मन की बात करने के लिए एनआईसी में जमा हुए ग्रामीणों को डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा। अधिकारियों से मिली जानकारी के बाद वह पीएम के समक्ष अपनी बात रखने के लिए बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन नंबर ही नहीं आया। इसके बाद अधिकारियों ने सभी को वापस भेज दिया।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार पाठक ने बताया कि शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में घर-घर बिजली पहुंचाने के उदेश्य से केंद्र सरकार की ओर से सौभाग्य योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना चलाई जा रही है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के समस्त राज्यों के एक-एक जिले के लाभांवित ग्रामीणों से वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिए सीधी बात करने वाले थे। प्रदेश में वह किस जिले के लोगों से बात करेंगे, इसका चयन पहले से नहीं था। इसलिए लगभग सभी जिलों में इसको लेकर तैयारी की गई थी। जिले में भी दो गांव चिन्हित किए गए थे। जिसके बाद भगवंतपुर बझेरा से 12 और सुआबोझ गांव से आठ लाभांवित लोग बुलाए गए। सुबह साढ़े नौ बजे सभी को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए एनआईसी पहुंच गए। योजनाओं से लाभांवित होने वाले लोगों को इसकी पहले से जानकारी दे दी गई थी, कि उनसे उक्त योजनाओं के विषय में प्रधानमंत्री बात कर सकते हैं। इसके अलावा वह भी उनके सामने अपनी बात रख सकेंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग करीब 11 बजे तक चली, लेकिन पीलीभीत का नंबर ही नहीं आया। पीएम ने कन्नौज जिले के लाभांवित लोगों से बात की है। इसके बाद सभी लाभांवित लोगों को वापस भेज दिया गया है। निराश किसान पीएम से अपने मन की बात न कर पाने का मलाल लिए वापस गांव चले गए।