खेकड़ा (बागपत)
पुनरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लाक में सक्रिय टीबी खोज अभियान का पहला चरण 11 से 29 जून तक चलेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की जांच करेंगे। किसी भी व्यक्ति में टीबी के लक्षण मिलने पर बलगम की जांच की जाएगी। क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को 19 टैबलेट दिए हैं। इसके तहत निक्षय पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग को मजबूत बनाया जाएगा।
टीबी गंभीर बीमारी है। अन्य देशों की तुलना में भारत में टीबी के मरीज सबसे ज्यादा हैं। सक्रिय टीबी खोज अभियान के बाइक सवारों को सोमवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉ. अरविंद मलिक ने बताया कि अभियान के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण देकर माइक्रो प्लान तैयार किया। टीमों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पहले चरण के लिए लगभग दो लाख जनसंख्या को कवर करने का लक्ष्य है। एक टीम एक दिन में 50 घरों का दौरा करेगी। इस बार उन इलाकों का चयन किया। जहां टीबी के मरीज ज्यादा मिलने की संभावना है। कर्मचारी टीबी मरीजों को दी जाने वाली दवाओं और जांच रिपोर्ट की आसानी से निगरानी करेंगे। टीबी के मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण होगा। उनके ट्रांजिट रिकॉर्ड की रिपोर्टिंग ऑनलाइन रखने में आसानी होगी। इस सुविधा के जरिये मरीजों को दी जाने वाली मासिक 500 रुपये की पोषण राशि की निगरानी सुचारु रूप से की जा सकेगी। केंद्र सरकार की इस वित्तीय वर्ष में टीबी के मरीजों को निक्षय पोषण सहायता कार्यक्रम के तहत आर्थिक सहायता के रूप में मासिक पोषण राशि देने की योजना है। टीबी रोगी की मौजूदा स्थिति ऑनलाइन होने से इलाज का स्टेटस आसानी से पता चल सकेगा। सभी के इलाज की स्थिति को निक्षय पोर्टल पर अपडेट किया जाना है। रोगियों की दवा के वितरण में शामिल परीक्षण, ड्रग सेंसविटी टेस्ट और ट्रांजिट रिकार्ड की रिपोर्टिंग ऑनलाइन रखी जाएगी। मरीजों को पोषण सहायता कार्यक्रम के तहत आर्थिक सहायता राशि की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी। अभियान में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी की मदद भी ली जा रही है ।