एक बार फिर आंधी-बारिश लोगों के सामने बिजली संकट का कारण बन गई। शुक्रवार रात एक घंटे की आंधी-बारिश से शहर में कई स्थानों पर फॉल्ट हुए, जिसके चलते ब्रेकडाउन लिया गया। नतीजतन रात भर लोग बिजली नहीं आने से परेशान होते रहे। दूसरे दिन शनिवार को भी बारिश की वजह से बिजली की समस्या बरकरार रही। बिजली के बाद आई पानी की किल्लत से जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा।
एक महीने से आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। एक बार आई आंधी से लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था को जब तक विभागीय अफसर सुधार कराते हैं, तब तक दुबारा आंधी तबाही मचा देती है। कुछ दिन पहले ही आंधी के बाद टूटे तारों का सुधार कराकर बमुश्किल बिजली व्यवस्था को सुचारु कराया जा सका था। इस बीच शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे के बाद अचानक आई आंधी-बारिश ने एक बार फिर लोगों को बिजली संकट की मार झेलने को मजबूर कर दिया। तेज हवाएं चलते ही लोग बिजली जाने का आंकलन कर चुके थे। इसको लेकर चर्चा शुरू होते ही बिजली गुल हो गई। शहर में रामलीला उपकेंद्र, नकटादाना उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में कई जगह पर फॉल्ट हुए। इसकी जानकारी लगते ही विभाग की ओर से ब्रेक डाउन ले लिया गया। इसके बाद फॉल्ट तलाशने के लिए बिजली विभाग की टीमें भेजी गई, लेकिन बारिश के चलते काम बाधित रहा। नतीजतन रात भर शहर में ब्लैक आउट रहा। मौसम में हुए बदलाव से कुछ राहत तो मिली, लेकिन बिजली न आने से समस्या बनी रही। इनवर्टर कुछ देर चलने के बाद डाउन पड़ गए। इधर, अधिकांश घरों में पानी की व्यवस्था विद्युत मोटर के सहारे होने के कारण उनको बिजली के बिना पानी की किल्लत से भी जूझना पड़ा। रात भर बिजली सप्लाई ठप रहने से परेशान लोगों को दूसरे दिन शनिवार को भी खासी राहत नहीं मिल सकी। दिन में रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते व्यवस्था चरमराई रही। बिजली आती जाती रही। जिसका सीधा असर घरेलू और व्यावसायिक जीवन पर पड़ा। फिलहाल महकमे से जुड़े अधिकारी किसी तरह की क्षति से इनकार करते हुए जल्द व्यवस्था सुचारु होने का भरोसा दिलाते रहे।
000
आंधी-बारिश से किसी तरह का नुकसान तो नहीं हुआ है। रात में ब्रेकडाउन लेने के कारण बिजली सप्लाई बाधित रही थी। शनिवार सुबह इसको सुचारु करा दिया गया था। बाद में रामलीला उपकेंद्र से फॉल्ट की शिकायत को लेकर सप्लाई बाधित रही है।
रनवीर सिंह, एसडीओ टाउन