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फुलहर झील से बह निकली गोमती की अविरल धारा
अभी किया जा रहा ट्रायल, खुशी से झूमे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा।
तमाम प्रयासों के बाद आखिर गोमती उद्गम स्थल स्थित फुलहर झील से अविरल धारा बह निकली। झील के बाद खोदी गई नदी में पानी के पहुंचते ही लोगों ने गोमती मां की जय जयकार की और एक दूसरे को बधाई देकर खुशी का इजहार किया। हालांकि अभी यह ट्रायल ही माना जा रहा है। तालाब पूरा भरने के बाद विधिवत धारा बहाई जा सकेगी।
गोमती नदी को पुनर्जीवित करने को दो माह से चल रहे प्रयास बुधवार को सफल होते नजर आए हैं। देवीपुर माइनर से उद्गम स्थल की मुख्य झील एवं इसके दोनों तालाबों में पानी से भरने के बाद अब नदी में बहाव शुरू हो गया है। दक्षिणी तालाब के कोने से मनरेगा से खोदी गई नदी मेें पानी जाना शुरू हो गया। चूंकि यह तालाब में अभी पूरी तरह से नहीं भरा है इसलिए अभी काफी धीमी गति एवं कम मात्रा में ही बह रहा है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि चूंकि मनरेगा से नदी का खुदान किया गया है इसलिए प्रारंभ में कम और धीमी गति से पानी छोड़कर इसकी निगरानी की जाएगी। इस बीच उद्गम के तालाबों को भरने का क्रम भी जारी है। तालाब भरने के बाद नदी का बहाव बढ़ाया जा सकेगा। गोमती नदी में धारा बहने की जानकारी लगने पर बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे। अविरल धारा बहाने को चला अभियान सफलता होते देख लोगों ने खुशी मनाई और एक दूसरे को बधाई दी। एसडीएम पुष्पा देवरार ने बताया कि अभी तालाबों को भरा जा रहा है। कई जगह खुदाई काम भी चल रहा है। जल्द ही जिले की सीमा तक अविरल धारा बहेगी।
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गैस एजेंसी स्वामियों ने दिया जनरेटर
माधोटांडा। गोमती उद्गम स्थल पर अविरल धारा बहाने और सुंदरीकरण के साथ ही ट्रस्ट के नाम दान भी मिल रहा है। इस क्रम में अब राज गैस एजेंसी रूरिया एवं सेल्हा गैस एजेंसी के स्वामियों क्रमश: अरविंद पांडेय व सुखवीर सिंह ने 7.5 केवीए का जनरेटर दान किया है। उन्होंने यह जनरेटर एसडीएम कलीनगर पुष्पा देवरार को सौंपा है।