पीलीभीत। सरकारी स्कूलों के मेन्यू के हिसाब से जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को हॉट कुक्ड मिला करेगा। इसके लिए शासन की तरफ से मिड-डे मील बनाने वाली रसोइयों को अतिरिक्त शुल्क भी दिया जाएगा। जिले के 1960 आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इन केंद्रों पर पंजीकृत तीन साल से छह साल के बच्चों को गर्म भोजन (हाट कुक्ड) की व्यवस्था की जाएगी। यह हाट कुक्ड प्राथमिक विद्यालयों की रसोई में बनेगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शहरी क्षेत्र में सभासद व आंगनबाड़ी के नाम से बैंक में संयुक्त खाता खुलेगा। हॉट कुक्ड प्राइमरी स्कूल के मेन्यू की तर्ज पर केंद्रों पर आने वाले बच्चों को दिया जाएगा। विभागीय कर्मियों की मानें तो हाट कुक्ड बनाने की योजना पहले भी लागू की गई थी, लेकिन गड़बड़ी और गुणवत्ता की शिकायतें मिलने पर सरकार ने इसे बंद कर दिया था। अब एक बार फिर व्यवस्था में बदलाव कर प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से हाट कुक्ड बनवाने का फरमान जारी किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जल्द ही व्यवस्था शुरू हो जाएगी। योजना के तहत सरकारी स्कूलों के मेन्यू की तर्ज पर अलग-अलग विटामिन युक्त आहार तैयार किया जाएगा। इससे केंद्रों पर आने वालों का स्वास्थ्य तो ठीक होगा ही साथ में कुपोषण भी कम हो जाएगा।
सिर्फ बच्चों को मिलेगा हाट कुक्ड
हॉट कुक्ड सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को मिलेगा। गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिलेगा। हाट कुक्ड से कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आने की बात कही जा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों में करीब बीस हजार कुपोषित और आठ हजार अतिकुपोषित बच्चे हैं। सरकार का मानना है कि पौष्टिक आहार नहीं मिल पाने के कारण ऐसा हो रहा है। इसी के चलते सरकार ने बच्चों को हॉटकुक देने की व्यवस्था की है।