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आए थे कूड़ा कलेक्शन करने.. करने लगे मनी कलेक्शन

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पीलीभीत। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से बतौर ट्रायल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को आई लखनऊ की एक प्राइवेट फर्म काम मिलने से पहले ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो गई। इसके कर्मचारी कूड़ा कलेक्शन करने के बजाए मनी कलेक्शन करने में जुट गए। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का जाल फैलाना शुरू कर दिया। इससे पहले कि जालसाजी के मंसूबे कामयाब होते, पालिकाध्यक्ष को भनक लग गई। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट फर्म के प्रतिनिधि को तलब कर नाराजगी जताई। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसे काम बंद कर शहर से जाने को कह दिया।
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नगर पालिका के लिए ढाई लाख की आबादी वाले शहर में कचरा प्रबंधन चुनौती बना हुआ है। सालों से चली आ रही इस समस्या से छुटकारा पाने को पालिका प्रशासन द्वारा 23 नवंबर से ट्रायल के तौर पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य शुरू कराया गया था। इस कार्य में 27 ठेका मजदूर लगाए गए। इधर पालिका प्रशासन ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य ठेके पर कराने का निर्णय लेते हुए लखनऊ की प्राइवेट फर्म से संपर्क किया। नगर पालिका प्रशासन से वार्ता होने के बाद उक्त प्राइवेट फर्म के लोगों ने बतौर ट्रायल 14 जनवरी से सर्वे शुरू कर दिया। तय हुआ था कि पालिका के अधिकारी प्राइवेट फर्म द्वारा किए गए कार्यों को पहले परखेंगे, उसके बाद ही उन्हें कूड़ा कलेक्शन का ठेका देंगे। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन से शहर की सफाई व्यवस्था की कुछ तस्वीर बदल पाती, इससे पहले ही प्राइवेट फर्म के लोगों ने इसकी आड़ में नौकरी देने का गोरखधंधा भी शुरू कर दिया। आरोप है कि सर्वे के दौरान ही फर्म के लोगों ने आई कार्ड और युनिफॉर्म देने की बात कहते हुए कुछ लोगों से नौकरी का ख्वाब दिखाकर उनसे रकम ऐंठना शुरू कर दी। बताते हैं कि इसको लेकर कुछ लोगों को फर्जी आई कार्ड भी जारी कर दिए गए। आई कार्ड भी नगर पालिका परिषद के नाम से जारी था। मामले की भनक लगने पर कुछ लोगों ने इसकी जानकारी पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल को दी। पालिकाध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्राइवेट फर्म के प्रतिनिधि को तलब किया और उससे कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल काम बंद करने के निर्देश दिए। फिलहाल पालिका प्रशासन अब किसी दूसरी प्राइवेट फर्म की तलाश में लग गया है।
शहर में ट्रायल के तौर पर कूड़ा कलेक्शन करने वाली प्राइवेट संस्था के लोग नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे थे। जानकारी मिलने के बाद उक्त फर्म को काम बंद करने को कह दिया गया है। अब किसी दूसरी प्राइवेट संस्था से कार्य कराया जाएगा। - विमला जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
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