खेत की मेड़ पर बाघ को चलता देख मजदूर के पसीने छूट गए। पहले तो वह उसको देखता रहा, लेकिन बाघ के उसकी ओर बढ़ते ही उसने शोर मचाकर फार्म हाउस की तरफ दौड़ना शुरू कर दिया। चीख पुकार सुनकर काफी ग्रामीण जमा हो गए। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की निगरानी टीम ने पगमार्क ट्रेस कर ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। घटना के बाद से गांव में बाघ की दहशत और बढ़ गई है।
अमरिया तहसील क्षेत्र के अमरिया-बिष्टी मार्ग पर बिरैहनी गांव निवासी फार्मर बलराज सिंह का खेत देवहा नदी के किनारे है। बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उनके यहां काम करने वाला मजदूर अर्जुन खेत पर चारा लेने के लिए गया था। खेत के पास पहुंचते ही उसको मेड़ पर बाघ चलता दिखाई दिया। यह देख उसके पसीने छूट गए। पहले तो अर्जुन कुछ सेकेंड वहां खड़े होकर देखता रहा, इसके बाद बाघ के उसकी तरफ बढ़ते ही उसने फार्म हाउस की तरफ दौड़ लगा दी। मजदूर के शोर को सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। अपने-अपने खेतों की तरफ जा रहे लोगों ने कदम रोक दिए। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। इस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर पगमार्क ट्रेस किए और हर बार की तरह ग्रामीणों को अकेले खेत की तरफ न जाने की सलाह देकर चलती बनी। दूसरे दिन शुक्रवार को भी बाघ की दहशत का असर दिखाई दिया। अधिकांश लोग खेतों पर काम करने के लिए जाने से बचते रहे।
घटना के बाद एक फोटो तेजी से वायरल
घटना के बाद एक फोटो क्षेत्र में तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें खेत की मेड़ पर काफी आगे की तरफ बाघ बताया जा रहा है। हालांकि फोटो काफी धुंधला होने के कारण बाघ की स्पष्ट तस्वीर नहीं दिख रही है। यह भी कहा जा रहा है कि जब मजदूर बाघ को देख चीखता-चिल्लाता दौड़ लगा रहा था। उस वक्त सड़क की तरफ खड़े कटइया गांव निवासी सोनू का दावा है कि उसने मोबाइल से उक्त फोटो को खींच लिया था। अब स्थानीय लोग उक्त फोटो को एक दूसरे से शेयर करने में जुटे हैं।
अर्जुन बोला, पहले दिखे पगमार्क, फिर बाघ
मजदूर अर्जुन से जब इसको लेकर बातचीत की गई, तो उसने बताया कि जब वह खेत में चारा लेने के लिए जा रहा था, तो खेत के नजदीक पहुंचने पर उसको बाघ के पगमार्क दिखाई दिए थे। इसपर वह पहले ही धीमा हो गया। बाघ के आसपास होने का अहसास कर रहा था कि नजर उठाते ही सामने मेड़ की तरफ उसको बाघ दिखाई दे गया। इसके बाद तो धड़कने तेज हो गई और पसीने छूट गए। बताया कि बाघ खेत की मेड़ से होता हुआ नदी की तरफ बढ़ रहा था। अकेले होने की वजह से घबराहट अधिक हो गई थी। इसलिए कदम पीछे की तरफ स्वत: ही दौड़ गए।