रमजान शरीफ के पांचवें और आखिरी जुमा (शुख्रवार) को जिले भर की मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। नमाज के लिए लाखों सिर खुदा की बारगाह में झुके। मस्जिदों में हुई तकरीरों में रमजान के विदा होने के जिक्र पर बुजुर्ग रोजेदारों की आंखों में आंसू छलक आए। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने गुनाहों से माफी मांगी और मगफिरत की दुआ की।
शहर की शाही जामा मस्जिद समेत तमाम मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में मौलाना इजहार अहमद खां बरकाती ने नमाज अदा करवाई। नमाज से पहले उन्होंने रमजान शरीफ और कुरआन पाक की फजीलत बयान की। रोजा रखने वालों और कुरआन की तिलावत करने वालों पर नाजिल होने वाली खुदा की रहमतों का जिक्र करते हुए कहा कि कोई बिना वजह इन रहमतों से महरूम न रहे। इधर मस्जिद शाहजी मोहम्मद शेर मियां, मलाहद खां, पुलिया वाली, हाजी हिदायत रसूल, मस्जिद औलिया बुज कसाबान, मस्जिद अल्लाहू मियां, मस्जिद गौसिया लोहा मंडी, मस्जिद ऊंची बरेली गेट, मस्जिद नूरी पंजाबियान, मस्जिद मीरासियान, मस्जिद हनफी मोहल्ला शेर मोहम्मद. अशरफी मस्जिद, मस्जिद मौला बख्श खुदागंज, अलाउद्दीन फीलखाना, गौसिया फीलखाना, मस्जिद सरफराज खां, मस्जिद हैदरी, मस्जिद कचहरी, सलमानियान, नंबरदार, मोटा पाकर, मोहद्दिस सूरती, शामीर खां व स्टेशन स्थित मुसाफिर खाना की मस्जिदों में भी अलविदा की नमाज अदा की गई। शाही जामा मस्जिद के बाहर मेला भी लगा। नमाज पढ़ने आए बच्चों ने मेले में खूब खरीदारी की।
बीसलपुर। नगर और ग्रामीण क्षेत्र क ी कुल 50 मस्जिदों में शुक्रवार को अलग-अलग समय में अलविदा की नमाज पढ़ी गई। नगर की जामा मस्जिद में सर्वाधिक अकीदतमंदों ने नमाज पढ़ी। यहां पर नमाज पढने वाले लोग इतनी ज्यादा संख्या में हो गए थे कि कुछ लोगों को मस्जिद के सामने सड़क पर नमाज पढनी पड़ी। नगर की कुल 19 और ग्रामीण क्षेत्र की कुल 27 मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के कस्बा दियोरिया, गांव टेहरी, पंसड़ी और गंझाड़ी की मस्जिदों में अलविदा की नवाज पढ़ी गई। सभी स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से पूरे समय पुलिस बल तैनात रहा। नगर की जामा मस्जिद में सुरक्षा के लिहाज से एसडीएम राकेश कुमार, सीओ कमल सिंह और कोतवाल माधो सिंह विष्ट पूरे समय मौजूद रहे। नगर की मस्जिदों के पास नगर पालिका परिषद ने सफाई का विशेष बंदोबस्त कराया था।
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पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र की मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ी गई। नगर की जामा मस्जिद में खतीबो इमाम हाफिज मोहम्मद सलीम खां ने, रजा मस्जिद में हाफिज मोहम्मद जकी खां ने, मदीना मस्जिद में मौलाना मोहम्मद नूर हसनी, खानकाह की साबरी मस्जिद में हाजी हाफिज जाकिर खां ने, कुरैशियान की मस्जिद में हाफिज लईक अहमद नूरी ने, रजवी मस्जिद में हाफिज मोहम्मद उस्मान नूरी ने, मस्जिद गुलजारे फरीद में हाफिज कमर महबूब ने, मस्जिद गरीब नवाज में हाफिज नाजिम रजा ने, मस्जिद सिद्दीके अकबर में मौलाना जावेद बरकाती ने, बरकाती मस्जिद में मौलाना सलाम बारिश ने, मस्जिद गुलस्ताने रजा नूरी में हाफिज अशफाक ताबिश कादरी ने, रिहानी मस्जिद में सूफी शराफत हुसैन ने, शाहजी मस्जिद में हाफिज नईम खां ने जुमातुल विदा की नमाज पढ़ाई। इस दौरान एक मस्जिद में तकरीर करते हुए सुन्नी उलेमा कौसिंल के राष्ट्रीय महासचिव हाफिज नूर अहमद रजा अजहरी ने कहा कि अजमतों रहमतों बरकतों वाला एक नेकी के बदले सत्तर नेकी दिलाने वाला मुबारक महीना हमसे रूकसत हो रहा है। अगले साल खुशनसीब शख्स रमजान महीना पाएगा। सभी बेहसहरों के सिर पर शफकत का हाथ रखे। यहीं सच्ची ईद होगी।
शेरपुर कलाँ। कस्बे की जामा मस्जिद में हाफिज कारी पेशे इमाम अब्दुल मुस्तफा ने, सुनहरी मस्जिद में हाजी हाफिज अरशद खाँ ने, कुरैशियान मस्जिद में मौलाना साजिद रजा खाँ ने, माहीगिरान मस्जिद में मौलाना हशमत रजा खाँ ने, इस्लाम नगर की नूरी मस्जिद में हाफिज महबूब हसन ने, हुसैनी मस्जिद में हाफिज अनीस अहमद खाँ ने, मदीना मस्जिद में हाफिज मोहम्मद आसिफ हसन ने, अलविदा की नमाज पढ़ाई है।
जहानाबाद। यहां भी शांति पूर्वक अलविदा की नमाज कसबा व आस पास के में पढ़ाई गई। जामा मस्जिद में मौलाना शाकिर रजा ने, बीच वाली मस्जिद में कारी जहूर अहमद ने, कुरैशियान में हाफिज समीउल्लाह ने, काजी टोला में हाफिज अशफाक ने पढ़ाई।