पीलीभीत। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदलने जा रहा है। शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद अब 1508 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट क्लास से लैस करने की दिशा में विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परियोजना के तहत 1135 स्कूलों के लिए पत्र जारी होने के बाद कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
फिलहाल 373 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वहीं, अब शेष स्कूलों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कक्षाओं में आधुनिक प्रोजेक्टर, बड़े डिजिटल बोर्ड और साउंड सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे बच्चों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
इस पहल की शुरुआत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के प्रयासों से हुई थी। इसके बाद विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। अब स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। डीएम को ओर से निर्देश जारी होने के बाद बेसिक स्कूल के अधिकारी गंभीर हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट क्लास शुरू होने से न सिर्फ पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी, बल्कि स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति और नामांकन में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। डिजिटल माध्यम से कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाया जा सकेगा। इससे बच्चों की एकाग्रता बढ़ेगी। संवाद