पीलीभीत। बोर्ड परीक्षा में विशेष परिस्थितियों में कक्ष निरीक्षक की कमी बाधा न बनें, इसके लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। शासन से मिले निर्देश पर ब्लॉक स्तर पर रिजर्व पूल बनाकर स्टाफ को रिजर्व रखा जाएगा, ताकि विशेष परिस्थितियों में उनका इस्तेमाल किया जा सके। डीआईओएस संत प्रकाश ने कार्रवाई कराने के लिए प्रभारी बीएसए शिवेंद्र कुमार वर्मा को पत्र लिखा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो रही हैं। जिले में 73 परीक्षा कें द्र बनाए गए हैं। इनमें हाईस्कूल के 27109 और इंटरमीडिएट के 20841 परीक्षार्थी हैं। परीक्षा कराने की जिम्मेदारी 2692 कक्ष निरीक्षकों को मिली है। सीसीटीवी और वायस रिकॉर्डर लगाने के साथ ही जिले को 11 सेक्टर में बांटकर एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाए हैं। कम दिन बकाया है और सकुशल परीक्षा संपन्न कराने को काम तेज गति से चल रहा है। इसी बीच दो फरवरी की शाम छह बजे आयोजित उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की वीडियो क्रांफ्रेंसिंग में कक्ष निरीक्षकों का एक पूल बनाकर रखने के निर्देश दिए गए थे। इस पर भी अब कार्रवाई की शुरूआत कर दी गई है। डीआईओएस ने बताया कि एक पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी को लिखा गया है। इसमें बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक कार्य के लिए शिक्षकों का ब्लॉकवार पूल बनाकर स्टाफ रिजर्व रखने को कहा है। रिजर्व में रखे गए इस स्टाफ को आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा कार्य में लगाया जाएगा।