पीलीभीत। सीमावर्ती क्षेत्र में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने तेंदुए की दहशत जल्द कम हो जाएगी। तेंदुए की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए अधिकारियों ने उसे कैद करने के लिए गुरुवार शाम नौजल्हा गांव की सीमा में पिंजरा लगवा दिया है। तेंदुए की सक्रियता पर नजर रखने के लिए पिंजरे के निकट कैमरे भी लगाए गए हैं।
बराही रेंज के अंतर्गत बार्डर से सटे नौजल्हा, गभिया सहराई, बूंदीभूड़ समेत आधा दर्जन गांव की सीमा में पिछले लंबे समय से तेंदुए का आतंक जारी है। जंगल से बाहर आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर तेंदुआ लगातार मवेशियों को निवाला बना रहा है। हालांकि बढ़ती सक्रियता को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन भी गंभीर हुआ था। इसके बाद तेंदुए को कैद करने की योजना बनाकर पूर्व दिनों में दो नर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया, लेकिन इसके बाद तीसरे तेंदुए की सक्रियता क्षेत्र में शुरू हो गई। आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर मवेशियों को निवाला बनाने की घटनाएं शुरू हो गई।
तेंदुए की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए गुरुवार को सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों के निर्णय के बाद नौजल्हा क्षेत्र में एक पिंजरा लगवाया गया है। सक्रियता पर नजर रखने के लिए पिंजरे के करीब कैमरे भी लगाए गए हैं। -प्रवीण खरे, एसडीओ, टाइगर रिजर्व