खेकड़ा (बागपत)।
सहायक निदेशक कृषि जय कुमार शर्मा ने कहा किसान दलहनी खेती करें। उन्होंने बताया कि जैविक खेती में कीड़ा नहीं लगता है। इससे किसान की आमदनी भी बढ़ेगी।
खेकड़ा नगर स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार परिसर में बुधवार को दोपहर ग्यारह बजे कृषक गोष्ठी हुई। इसमें सहायक निदेशक कृषि जय कुमार शर्मा ने बताया वर्तमान समय में उड़द फसल की 90 दिन की खेती होती है, इसमें कीड़ा लगने का अधिक खतरा रहता है। उन्होंने किसानों को फसल में लगने वाले कीड़ों से बचाव के लिए दवा के बारे में बताया। कहा कि जैविक खेती करने वाले किसानों को फसलों में दवा के उपयोग की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जैविक खेती में कीड़ा नहीं लगता। उन्होंने उड़द की खेती के लिए 30 किसानों का चयन किया है। जिन्हें कृषि विभाग निशुल्क बीज खाद वितरित करेगा।
वस्तु विशेषज्ञ हरि निवास गर्ग ने कहा कि भारत में जमीन का जल स्तर लगातार गिर रहा है, इसलिए किसान निजी स्वार्थों का त्याग कर कम पानी वाली दलहनी खेती करें। यदि समय रहते किसान जागरूक नहीं हुए तो वह दिन दूर नही जब एक एक बूंद पानी के लिए तरसना पडे़गा। गोष्ठी में बीज भंडार प्रभारी शैलेंद्र सिंह, अवनीश कुमार, राहुल पंवार, त्रिवेंद्र कुमार, तेजवीर सिंह, अरविंद कुमार, धीरज सिंह, अमित कुमार, अनिल कुमार, प्रवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।