विवादित ग्रापं अधिकारी पेशेवर शिकायतकर्ता घोषित
डीएम ने विभागीय कार्रवाई के लिए कमिश्नर को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। अक्सर चर्चा में रहने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी अंगनलाल पर अब विभागीय कार्रवाई की तैयारी की गई है। डीएम ने कमिश्नर को भेजे पत्र में अंगनलाल को बार-बार और झूठी शिकायतें करने एवं पूर्व जिलाधिकारी का आदेश न मानने सहित तमाम आरोप लगाए गए हैं। इसमें डीएम ने उसे पेशेवर शिकायतकर्ता की तरह झूठी करने वाला बताकर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अंगनलाल विकास भवन में सबसे चर्चित ग्राम पंचायत अधिकारियों में माने जाते हैं। विभिन्न ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में तैनाती के दौरान उनकी शिकायतें होती रहती हैं वहीं वह स्वयं भी प्रधान से लेकर सीडीओ तक की शिकायतें उच्चाधिकारियों से करते रहते हैं और जरूरत पड़ने पर कोर्ट भी याचिका दायर करते हैं। अपनी इस कार्यशैली के चलते वह कई बार निलंबित भी हो चुके हैं। पिछले सप्ताह ही उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब प्रशासन उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। इस बाबत डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने कमिनर को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है अंगनलाल द्वारा आईजीआरएस में डाली गई शिकायत का हवाला देते हुए कहा गया है कि ग्रापं अधिकारी अंगनलाल की पत्रावली का परीक्षण करने पर पाया गया है कि वह अत्यंत विवादित कर्मचारी है और उसकी कार्यशैली काफी खराब है। प्रधान से लेकर अधिकारियों तक से अभद्रता किया जाता है जो कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन है। यह कर्मचारी पेशेवर शिकायत कर्ता की तरह बार बार झूठी शिकायतें करता है। ऐसी स्थिति पर अंगनलाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाती है।
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सीडीओ, डीपीआरओ पर अभद्रता का आरोप
इधर ग्राम पंचायत अधिकारी अंगनलाल ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि 27 अप्रैल को डीपीआरओ ने उसे अपने आवास पर बुलाकर शिकायत वापस लेने की धमकी दी ऐसा न करने पर उसके साथ अभद्रता भाषा का प्रयोग किया। इसके अलावा सीडीओ पर भी अभद्रता करने का आरोप लगाया है। अंगनलाल की इस शिकायत पर सोमवार को कोतवाली पुलिस ने विकास भवन पहुुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सीओ सिटी के पोर्टल पर शिकायत की गई है जिसपर पुलिस जांच को भेजी गई थी।