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गोमती नदी की अविरल धारा बहाने को आज जुटेंगे भगीरथ

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माधोटांडा/पीलीभीत।
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गोमती नदी के उद्गम स्थल से अविरल धारा बहाने को चल रहे भगीरथी प्रयास एक फिर मूर्त रूप लेने दिख रहे हैं। सोमवार को प्रशासन, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी संगठन से जुड़े कार्यकर्ता व ग्रामीणों का कारवां इसमें श्रमदान करेंगे। सुबह आठ बजेे जिलाधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा हवन पूजन के बाद फावड़ा चलाकर श्रमदान का शुभारंभ करेंगे। इसके लिए प्रशासन ने रविवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
माधोटांडा की फुलहर झील से निकली गोमती को पुनर्जीवित करने के लिए शासन के निर्देश पर प्रयास शुरू किए गए हैं। सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में जलपुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में कार्ययोजना तैयार की गई थी। इसके बाद माधोटांडा में डीएम की अध्यक्षता में बैठक में गोमती नदी के रास्ते को श्रमदान खोदने का निर्णय लिया गया था। तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार से इसका कार्य का शुभारंभ होना है। इसके लिए रविवार को एसडीएम पुष्पा देवरार ने तहसीलदार विवेक मिश्रा के साथ गोमती उद्गम स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सुबह आठ बजे जिलाधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा गोमती उद्गम स्थल पर हवन पूजन व आरती करेंगे। इसके बाद मुख्य तालाब के दक्षिण के तालाब में फावड़ा चलाकर श्रमदान का शुभारंभ करेंगे। श्रमदान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ, जनप्रतिनिधि, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता, समाजसेवी संगठन एवं जनसामान्य भी सहभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान गोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा। श्रमदान से नदी की खुदाई के साथ साथ सिंचाई विभाग ने नौ स्थान चिह्नित किए हैं जिन पर मशीनों से खुदाई कराई जाएगी।
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भोजन और प्रसाद की होगी व्यवस्था
गोमती में शुरू होने वाले श्रमदान में पहले दिन लगभग तीन हजार लोगों के जुटने की संभावना है। इसके चलते भी के लिए भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। माधोटांडा की ग्राम प्रधान किरन सिंह ने बताया कि श्रमदानियों के प्रसाद व भोजन के लिए तीन हजार पैकट की व्यवस्था कराई जा रही है।
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उद्गम स्थल पर लौटने लगी रौनक
गोमती नदी में अविरल धारा बहाने को शुरू हुई मुहिम के मद्देनजर मुख्य झील से जलकुंभी को साफ किया गया है इससे झील पानी साफ दिखने लगा है। इसके अलावा मंदिर पर रंगाई पुताई के साथ कई दिनों से अखंड पाठ एवं पूजा आरती का क्रम भी शुरू हो चुका है जिससे यहां की रौनक लौटने लगी है।
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