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अस्पताल-अस्पताल भटकते पेट में ही मर गया बच्चा

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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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पीलीभीत। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का हाल किस कदर बुरा है, इसका बेहद निर्मम उदाहरण महिला अस्पताल में बुधवार को देखने को मिला। दर्द से तड़प रही प्रसूता को सरकारी अस्पताल से निजी और निजी से फिर सरकारी अस्पताल भटकना पड़ा। जिसके चलते पेट में ही उसका बच्चा चल बसा। महिला की हालत पर एंबुलेंस चालक ने भी तरस नहीं खाया और निजी अस्पताल गेट पर ही उसे छोड़कर भाग निकला। बाद में महिला अस्पताल की डॉक्टर ने जिम्मेदारी से बचते हुए महिला को बरेली रेफर कर दिया। महिला के पति ने जिला महिला अस्पताल की डॉक्टर पर लापरवाही का आरोपी लगाते हुए हंगामा किया और शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही।
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क्षेत्र के गांव जमुनियां निवासी हरीराम ने 40 वर्षीय पत्नी भानमती को प्रसव पीड़ा के चलते बुधवार दोपहर करीब एक बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर विजय लक्ष्मी ने महिला की जांच की। जांच में महिला की हालत ठीक न होने पर उन्होंने उसे बरेली रेफर कर दिया। करीब एक घंटे बाद महिला के परिवारवाले उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। महिला के पति हरीराम के मुताबिक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने पेट में ही बच्चे की मौत होने की जानकारी दी और भर्ती करने से मना कर दिया। भर्ती न होने पर एंबुलेंस चालक दर्द से तड़प रही महिला और उसके परिवारवालों को अस्पताल गेट पर उतारकर भाग निकला। परिवार वाले जैसे तैसे महिला को लेकर दोबारा जिला महिला अस्पताल पहुंचे। जहां मौजूद डॉक्टर विजय लक्ष्मी ने उसे हालत में सुधार न होने पर करीब छह बजे जिला अस्पताल बरेली रेफर कर दिया। महिला के पति हरीराम ने महिला अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इधर, मामले की जानकारी पर विधायक प्रतिनिधि पंकज शर्मा कार्यकर्ताओं के साथ महिला अस्पताल पहुंचे और इलाज के बाबत जानकारी की। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर प्राइवेट अस्पतालों से साठगांठ होने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा और मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही। इधर महिला अस्पताल की डॉॅ. विजय लक्ष्मी ने बताया कि महिला की हालत ठीक नहीं थी, लिहाजा उसे जिला अस्पताल बरेली रेफर किया था।
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भानमती की प्लेटलेट्स 12 हजार से भी कम थी और उसकी नाक में नली पड़ी थी। संभवता: महिला को पहले किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उसके बाद ही उसके परिवार वाले उसे यहां लाए थे। जांच में महिला की हालत ठीक नहीं मिली थी, जिस कारण उसे बरेली रेफर किया था, लेकिन परिवार वाले उसे शहर के किसी नर्सिंगहोम में ले गए थे। अब महिला को पुन: बरेली रेफर कर दिया गया है।
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- अनीता चौरसिया, सीएमएस, महिला अस्पताल
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