फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1.56 लाख परिवारों के पास नहीं शौचालय

विज्ञापन
Toilet scandal - फोटो : india today
विज्ञापन
31 दिसंबर तक है पूरा करने का लक्ष्य
विज्ञापन

आंकड़ों में हेराफेरी कर ओडीएफ पूरा करने में लगा विभाग

पीलीभीत। निर्मल भारत और स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले को खुले में शौच मुक्त यानी ओडीएफ करने के लिए 31 दिसंबर तक का लक्ष्य रखा गया है। उसके बाद भी जिले में शौचालयों की स्थिति बड़ी दयनीय है। अभी भी एक लाख 56 हजार परिवार वालों के पास शौचालय नहीं हैं। खुले में शौच के लिए जाना उनकी मजबूरी बनी हुई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार सन 2012 में कराए गए हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार जिले में तीन लाख 35 हजार परिवारों के पास शौचालय नहीं थे। ऐसे में जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए दिसंबर तक सारे घरों में शौचालय बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया। वित्तीय वर्ष शासन की ओर से शौचालय बनवाने के लिए 30 करोड़ रुपये जारी हुआ बावजूद इसके जिले में इस बार मात्र 22,600 शौचालय बनाए गए। कुल मिलाकर अब तक जिले में 1.79 लाख परिवारों के पास ही शौचालय हैं। यानी 1.56 लाख परिवार शौचालय विहीन हैं। ऐसे में जिले को खुले में शौच मुक्त करने का अभियान फ्लॉप होता दिख रहा है। लक्ष्य पूरा नहीं होता देख अफसर सच छुपाकर और आंकड़ों में हेराफेरी कर जिले को ओडीएफ घोषित करने की कोशिश में हैं। सचिव और प्रधानों का सहयोग न होने की वजह से भी कई दिक्कतें सामने आई हैं। ग्रामीणों की मानें तो जब घरों में शौचालय बने ही नहीं तो जाए कहां? इस तरीके से ओडीएफ का लक्ष्य पूरा होना मुश्किल दिख रहा है।
विज्ञापन


डीएम का गोद लिया गांव भी नहीं हुआ ओडीएफ
डीएम शीतल वर्मा की ओर से लिया गांव सिमरियां पचपेड़ा भी ओडीएफ नहीं हो सका है। जबकि इस गांव में शौचालय बनवाने के लिए लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। पंचायत राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीएम का लिया गया एक गांव रायपुर पूरी तरह ओडीएफ है, जबकि दूसरा गांव सिमरियां पचपेड़ा भी जल्द ओडीएफ हो जाएगा। यहां 25 प्रतिशत शौचालय बन चुके हैं।

लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही धनराशि
पिछली बार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम निधि के खातों में धनराशि भेजी जाती थी, लेकिन इसमें प्रधानों और पंचायत सचिवों द्वारा गड़बड़ी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा जाने लगा। ऐसे में जिन गरीब लाभार्थियों के बैंक खाते नहीं थे उन्हें भटकना पड़ रहा हैं।
विज्ञापन


दिसंबर तक जिले को ओडीएफ कर लक्ष्य पूरा करना है। जिले में शौचालय निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें लगी हुई हैं। 60 प्रतिशत शौचालय बन चुके हैं। जल्द ही जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा।
प्रमोद कुमार यादव, डीपीआरओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें