पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चूका आगमन के बाद से पीलीभीत सहित दुधवा नेशनल पार्क एवं बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से इन टाइगर रिजर्व एवं नेशनल पार्क में ईको पर्यटन एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
टाइगर रिजर्व को घोषित हुए लगभग साढ़े तीन साल हो चुके हैं। इसके बाद से वनमंत्री सहित कई मंत्री एवं विधायक इसका भ्रमण चुके हैं। सभी ने इसके विकास के लिए घोषणाएं की, लेकिन सब कोरी निकली। लेकिन पिछले दिनों 12 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद भ्रमण दौरान अचानक इसका दौरा किया। चूका स्पॉट और टाइगर रिजर्व के जंगल घूमने के बाद इसके विकास की उम्मीद जगी थी जो अब सच होती दिख रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क एवं बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में ईको पर्यटन व विकास के लिए संयुक्त रूप से 200 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस बाबत शासन से मुख्यमंत्री के विशेष सचिव का पत्र सोमवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व को पिछले दिनों प्राप्त हुआ है।
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पीटीआर ने तैयार किया 60 करोड़ के प्रस्ताव
मुख्यमंत्री कार्यालय से ईको पर्यटन एवं विकास कार्योें के लिए मांगे गए प्रस्ताव के क्रम में पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) प्रशासन ने 60 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को मंगलवार को भेज दिया है। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि इस संबंध में एक सप्ताह पूर्व विशेष सचिव से फोन पर वार्ता हुई थी। वार्ता होने के बाद से इस प्रोजेक्ट पर तत्काल कार्य शुरू कर दिया गया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए पहले से तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में कार्यों एवं कुछ नई बिंदुओं को शामिल कर अनुमानित 60 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। इसमें सोलर तारफेसिंग, वाहन, जंगल की सड़कें, महोफ व माला में हटों का निर्माण, सप्त सरोवर पर विकास कार्य, सुरक्षा उपकरण आदि को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि शासन को भेजने से पूूर्व सीएफ एवं सीसीएफ को भेजे गए हैं। उच्चाधिकारियों से स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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