पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन और जहानाबाद में कार्यक्रम आयोजित कर शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। वहीं जहानाबाद में भारत तिब्बत सीमा पुलिस के शहीद कमरूद्दीन को श्रद्धांजलि दी गई।
पुलिस सेवा के दौरान शहीद होने वाले जवानों की याद में प्रति वर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। शनिवार को पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक को फूलमालाओं से सजाया गया। पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी, एसपी रोहित मिश्रा सहित कई पुलिस अधिकारियों ने स्मारक पहुंचकर पुष्प चक्र चढ़ाकर जवानों की शहादत को नमन किया। वहीं गार्द ने मातमी धुन बजाकर श्रद्धांजलि दी। पुलिस अधीक्षक ने कहा वर्दी की आन-बान और देश सेवा के फर्ज को निभाते हुए जवानों की शहादत भुलाई नहीं जा सकती। ड्यूटी के प्रति सच्ची कर्तव्यनिष्ठा ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस मौके पर सीओ सीटी धर्मसिंह मार्छाल, सीओ फायर ब्रह्मानंद दुबे, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी मुहम्मद कासिम, सदर कोतवाल सुरेश कुमार सिंह, आरआई घनश्याम सिंह यादव सहित कई पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
शहीद कमरूद्दीन को दी श्रद्धांजलि
जहानाबाद। स्मृति दिवस के मौके पर भारत तिब्बत पुलिस सीमा बल के शहीद कमरूद्दीन को श्रद्धांजलि दी गई। कस्बे के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुंची भारत तिब्बत सीमा पुलिस 30वीं वाहिनी बरेली के इंस्पेक्टर दीवान सिंह सहित कई लोगों ने शहीद कमरूद्दीन केे चित्र पर पुष्पचक्र व पुष्प अर्पित किए। इंस्पेक्टर दीवान सिंह ने शहीद कमरूद्दीन का जीवन परिचय देते हुए कहा कि उनका जन्म जहानाबाद के पसियापुर निवासी रियाजुद्दीन के घर पहली जुलाई 1965 को हुआ था। कस्बे के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के बाद 1988 मे उनका चयन भारत तिब्बत सीमा पुलिस में कांस्टेबल चालक के पद पर हुआ था। 24 अप्रैल 2001 को जम्मू कश्मीर में आंतकवादियों ने उनके वाहन को विस्फोट से उड़ा दिया था जिसमें उनके साथ और कई जवान भी शहीद हो गए थे। इस मौके पर इंस्पेक्टर दीवान सिंह, एसएसआई राघवेंद्र प्रताप सिंह, शहीद की पत्नी शाहीन बेगम, जमालुद्दीन खां, आदिल खां, असलम यार खां, नईमुद्दीन सहित कई लोग मौजूद रहे।