पीलीभीत। जिले के राजकीय महाविद्यालयों में हर साल स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर मारामारी रहती थी, लेकिन इन दिनों स्टूडेंट से गुलजार रहने वाले राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वालों का टोटा है। वहीं प्राइवेट कॉलेजों में प्रवेश लेने वालों की भरमार है। आलम यह है कि स्नातक प्रथम वर्ष की दूसरी मेरिट के अंतिम दिन तक 50 फीसदी एडमिशन भी नहीं हो सके।
जिले में तीन राजकीय महाविद्यालय व दो वित्तपोषित महाविद्यालय समेत 20 से अधिक प्राइवेट डिग्री कॉलेज हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा इस सत्र स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया अपनाई गई है, लेकिन यह प्रवेश प्रक्रिया राजकीय महाविद्यालयों की अपेक्षा प्राइवेट डिग्री कॉलेज के अधिक फायदेमंद साबित हो रही है। राजकीय महाविद्यालयों में बेहद कम प्रवेश शुल्क व प्रशिक्षित स्टाफ के बावजूद प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का टोटा है। वहीं अधिक प्रवेश शुल्क के बावजूद प्राइवेट डिग्री कॉलेजों में प्रवेश लेने वालों की भरमार है। शहर में एक राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय व एक वित्तपोषित उपाधि महाविद्यालय है। सोमवार को दोनों महाविद्यालयों में दूसरी मेरिट में शामिल विद्यार्थियों के एडमिशन का अंतिम दिन था। उपाधि महाविद्यालय में 1040 सीट के सापेक्ष 419 प्रवेश व राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 240 सीटों के सापेक्ष 126 छात्राओं ने प्रवेश लिए। वहीं यदि प्राइवेट डिग्री कॉलेजों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया पर गौर करें तो इन डिग्री कॉलेजों में प्रवेश लेने वालों की भरमार है। अब कम प्रवेश शुल्क के बावजूद विद्यार्थी महंगी फीस वाले प्राइवेट डिग्री कॉलेजों में एडमिशन क्यों ले रहे हैं, इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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उपाधि महाविद्यालय में हुए 419 एडमिशन
उपाधि महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय मेें बीए की 640 सीट के सापेक्ष 320, बीकाम की 160 सीट के सापेक्ष 62, बीएससी की 240 सीट के सापेक्ष मात्र 37 एडमिशन हुए हैं। दूसरी मेरिट की समाप्ति तक कुल 419 प्रवेश लिए जा चुके हैं।
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राजकीय महिला महाविद्यालय में 126 छात्राओं ने लिया प्रवेश
शहर के एकमात्र राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नरेशपाल ने बताया कि बीएससी की 160 सीट के सापेक्ष 86 व बीकाम की 80 सीट के सापेक्ष 40 छात्राओं के एडमिशन लिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में सोमवार से शिक्षण कार्य शुरू किया जा चुका है।