पीलीभीत। वर्षों से बंद पड़ी मझोला चीनी को चालू करने की कवायद शुरू हो गई है। हालांकि शासन से स्तर पर अभी मिल को लीज पर देने की प्रक्रिया अंतिम दौर से गुजर रही है लेकिन स्थानीय स्तर पर विभाग ने गन्ना विकास के लिए कार्ययोजना बनाना शुरू कर दिया है। इसको लेकर डिप्टी सीसी की अध्यक्षता में बैठक भी कर ली गई है।
मझोला स्थित सहकारी चीनी मिल वर्ष 2009 से बंद चल रही है। सपा सरकार में भी इसे चलाने के कई प्रयास हुए लेकिन सब हवाई साबित हुए। भाजपा सरकार बनने बाद मिल चलाने के प्रयास फिर शुरू हुए। योगी मंत्री मंडल की पहली बैठक में भी इसे लीज पर देकर चलाने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके बाद से शासन स्तर पर मिल को लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है जो लगभग अंतिम दौर में है। हालांकि चल रही प्रक्रिया और पेराई सीजन में शेष बचे समय को देखते हुए मिल का इस सीजन में चलना मुश्किल ही नहीं असंभव सा लग रहा है। लेकिन गन्ना विभाग ने अलग पेराई सत्र में चलने की संभावना को देखते हुए गन्ना विकास की योजना बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए शासन के निर्देश पर उपगन्ना आयुक्त के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया है जिसमें डीसीओ पीलीभीत राजेश्वर यादव, शाहजहांपुर गन्ना शोध संस्थान के वैज्ञानिक, मिल के जीएम, एससीडीआई व समिति सचिव को सदस्य नामित किया गया है। कमेटी की दो दिन पूर्व बरेली में बैठक हुई। इसमें क्षेत्र की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर गन्ना उत्पादन की कार्ययोजना तैयार करने की योजना तैयार की गई। तय किया कि मिल क्षेत्र के जिले में पड़ने वाले गांव में इस सीजन से ही बीज उपलब्ध कराकर विभाग गन्ना विकास योजना को लागू करेगा और आधार बीज से तैयार बीज को पुन: किसानों में वितरित कर आगामी सत्र के लिए गन्ना उत्पादन कराएगा।
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जिले में हैं मात्र 51 गांव
मझोला स्थित सहकारी मिल कुल 162 जोड़े गए थे। उत्तराखंड राज्य अलग होने पर इनमें से 111 गांव कट गए जिससे पीलीभीत जनपद में मात्र 51 गांव ही बचे हैं हालांकि मिल चालू होने पर उत्तराखंड का गन्ना भी लिया जाएगा। गन्ना विभाग की योजनाएं सिर्फ जनपद के 51 गांव में ही शुरू की जाएंगी। उत्तराखंड के गांव में गन्ना विकास का कार्य मिल प्रबंधन अपने स्तर से कराएगा।
आधार बीज को मिलेगा 300 क्विंटल गन्ना बीज
मझोला मिल क्षेत्र में आने वाले जनपद के 51 गांव के लगभग 6200 हेक्टेअर क्षेत्रफल में गन्ना उत्पादन होता है। इसके लिए विभाग प्रथम वर्ष में किसानो को 300 क्विंटल आधार गन्ना बीज वितरित करेगा। जिसमें 100 क्विंटल की शरदकालीन बुवाई के लिए और शेष 200 क्विंटल फरवरी में होने वाली बुवाई के समय दिया जाएगा।
मझोला की बंद पड़ी मिल चलवाने की कवायद की जा रही है। मिल चलने पर गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए गन्ना विकास की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द क्षेत्र में गोष्ठियां कर किसानों को अच्छी प्रजाति की जानकारी और बुवाई आदि की जानकारी दी जाएगी।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी