माधोटांडा। सिंचाई विभाग ने सिल्ट सफाई कराने के लिए माधोटांडा रजबहा व उसकी सहायक माइनरों को बंद कर दिया। आरोप है कि नहरों में सिल्ट सफाई का कार्य देरी से शुरू किया जा रहा है। इसके चलते फसलों की सिंचाई का कार्य प्रभावित होने से किसानों में रोष है।
प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ फसल से पूर्व हर साल नहरों की सिल्ट सफाई कराई जाती है, लेकिन इस साल निर्धारित समय पर नहरों की सिल्ट सफाई नहीं कराई गई। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी एक लाख तक के कार्य ई टेंडर प्रक्रिया से कराने के आदेश दिए हैं। बताते हैं कि ई टेंडरिंग की प्रक्रिया लंबी होने के चलते अभियंता भी पसोपेश में रहे और सिल्ट सफाई कार्य शुरू नहीं कराया जा सका। जबकि जून में गन्ने से लेकर धान की पौध व रोपाई आदि शुरू हो जाती हैं।
इधर शुक्रवार को अचानक माधोटांडा रजवाहा व उसकी सहायक माइनरों को बंद कर दिया। इससे सिंचाई प्रभावित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। जब सिंचाई विभाग के अभियंताओं से नहरें बंद करने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नहरों की सिल्ट सफाई कराई जाएगी इसीलिए नहरें करीब 15 दिनों के लिए बंद की गई है। नहरें बंद होने की जानकारी पर किसानों के हाथ पांव फूल गए। किसान सुखदीप सिंह लाडी, विंदर सिंह, करतार सिंह, जगतार सिंह, जसवीर सिंह आदि ने बताया कि यह समय सिल्ट सफाई का नहीं है। 15 मई तक कार्य पूरा होना चाहिए था। इस समय सिंचाई के लिए पानी की खासी जरूरत होती है। ई टेंडर से कार्य कराया जाना था तो पहले से कराना चाहिए था। इधर सिंचाई विभाग के अभियंता रामेश्वर दयाल कहते हैं कि ई टेंडर प्रक्रिया की शर्त रख दी गई थी। जिस कारण देरी हुई। अधिकारियों ने दौड़ भाग कर जल्दी तैयारी कर ली है। सिल्ट सफाई का कार्य पखवाड़ा भर में पूरा कर लिया जाएगा। कार्य पूरा होते ही नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा।