सभी ने खुद को अनफिट दिखाकर कटवा ली थी चुनाव से ड्यूटी
चुनाव ड्यूटी में अनुपस्थित रहने वाले 91 कर्मियों को निलंबित करने के बाद अब जिला प्रशासन एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। अनफिट का मेडिकल सर्टीफिकेट लगाकर चुनाव ड्यूटी कटवाने वालों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इसके लिए चिह्नित लगभग 110 मतदान कर्मियों को नोटिस भेजा जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लगने के बाद करीब 150 कर्मचारियों ने खुद को बीमार दर्शाकर चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने के लिए आवेदन किया था। इनमें से अधिकांश प्रमाणपत्रों में बोर्ड ने संबंधित लोगों को अनफिट दर्शाया है। चुनाव होने के बाद प्रशासन ने अनफिट दर्शाने वालों की जांच कराई जिसमें कुछ वास्तविक रूप से बीमार मिले जबकि लगभग 110 कर्मचारी ऐसे मिले जिन्होंने चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए फिट होते हुए भी अनफिट दर्शाया है। ऐसे लोगों पर अब प्रशासन बड़ी कार्रवाई कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए चुनाव ड्यूटी से बचने को अनफिट दर्शाने वालों में लगभग 110 कर्मचारियों में सर्वाधिक बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक हैं को नोटिस भेजा जा रहा है। इसके लिए डीएम ने कार्मिक प्रभारी/सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी को आदेश दिए हैं। नोटिस का जवाब मिलने के बाद इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
91 कर्मचारी हो चुके हैं सस्पेंड
चुनाव ड्यूटी लगने के बाद बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले 91 मतदान कर्मियों को प्रशासन ने कुछ दिन पूर्व ही सस्पेंड कर दिया था। इसके आदेश अभी संबंधित लोगों को मिलने शुरू ही हुए थे कि प्रशासन ने अब दूसरी बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
मेडिकल बोर्ड की अनफिट रिपोर्ट का अर्थ है कर्मचारी काम करने के योग्य नहीं है। ऐसे अधिकारी/कर्मचारियों को नियम 56 के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इसके लिए सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
- मासूम अली सरवर, जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम