पीलीभीत। विकास कार्यों के नाम पर लाखों का घोटाला करने के आरोप में निलंबित रह चुके सचिव का एक और कारनामा सामने आया है। निलंबन के दोरान आरोपी सचिव ने भुगतान के लिए लाखों के चेक काट दिए। ग्रामीणों की शिकायत पर आरोपी सचिव के खिलाफ अफसर जांच कराने की बात कह रहे हैं।
यह मामला पूरनपुर तहसील की ग्राम पंचायत शिवनगर का है। यहां तैनात रहे सचिव राजवंदन मिश्रा को विकास कार्यों में घोटाला करने के आरोप में करीब पांच माह पूर्व निलंबित कर दिया गया था। निलंबित होने के बावजूद सचिव ने अफसरों को गुमराह कर कई चेक काटकर लाखों का भुगतान कर दिया। उसने अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। कुछ दिन बाद सचिव को गुपचुप तरीके से बहाल कर पूरनपुर ब्लॉक कार्यालय से अटैच कर दिया गया। सचिव को बहाल करने पर ग्रामीणों ने इस मामले की शासन स्तर पर शिकायत की। इससे सचिव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। डीपीआरओ प्रमोद कुमार का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया सही है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम बोले रिटायरमेंट के बाद होगी वसूली
सचिव पर लगे आरोपों की जांच कराने में भले ही पंचायतीराज विभाग के अफसर दिलचस्पी नहीं ले रहे, लेकिन डीएम इस प्रकरण को लेकर गंभीर है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सचिव का रिटायरमेंट करीब है, इसलिए अफसर कार्रवाई के मूड में नहीं है। इधर, डीएम वैभव श्रीवास्तव का कहना कि सचिव पर कब क्या कार्रवाई हुई। इसका रिकॉर्ड मतगणना के बाद तलब किया जाएगा। आरोप सही पाए जाने पर रिटायरमेंट के बाद वसूली की जाएगी।