पीलीभीत। बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए वन विभाग हर संभव प्रयास में जुट गया है। दुधवा से दो और हाथी पहुंच गए हैं। इसके अलावा मोटरसाइकिल से गश्त को टीमें बनाई गई हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए भी अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
अमरिया क्षेत्र में घूम रहे खूनी बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने दुधवा से चार और हाथियों की मांग की थी जिसमें दो हाथी शनिवार दोपहर बाद पहुंच गए। अब दो-दो हाथियों की अलग-अलग टीमें बनाकर तलाशी कराई जाएगी। वन संरक्षक वीके सिंह ने बताया कि लगातार आ रही सूचनाओं पर टीम दौड़ रही हैं, लेकिन सूचना गलत होने के कारण समय और संसाधन दोनों का दुरुपयोग हो रहा है। इससे बचने के लिए मोटर साइकिलों की पांच टीमे बनाई गई हैं। इन पर सादा वर्दी में वनकर्मी तैनात रहेंगे। यह टीमें बाघ दिखने की सूचना पर सर्वप्रथम संबंधित क्षेत्र में पहुंचेंगी और मौके से ही स्थिति से अवगत कराएंगी। यदि सूचना सही निकलती है तो बचाव टीम मौके पर भेज दी जाएगी। वन संरक्षक ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासन की मदद से हैंडबिल एवं प्रपत्र वितरित कराकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही बाघ की चहलकदमी को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जाएगी।
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मुख्यमंत्री से मिलेंगे शहर विधायक
बाघ के लगातार हो रहे हमलों पर शहर विधायक ने चिंता व्यक्त करते हुए इसे गंभीरता से लिया है। शनिवार को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ जाने से पहले उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलकर बाघ की समस्या को रखेंगे और मामले को गंभीरता से लेकर जनहित में ठोस कार्रवाई कराने की मांग करेंगे। इधर उनके निर्देश पर एक प्रतिनिधि मंडल ने टाइगर रिजर्व कार्यालय पहुंचकर वन संरक्षक वीके सिंह से मुलाकात की। विधायक प्रतिनिधि के रूप में उनके भाई विजय गंगवार, देश दीपक मिश्रा, विकास कुमार श्रीवास्तव, विजय शाही, सौरभ दीक्षित ने वन संरक्षक से अब तक हुई कार्रवाई और आगे की रणनीति पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल ने बाघ के हमले में मारे गए लोगों के परिवार को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की। इस पर वनसंरक्षक ने उन्हें बताया कि तहसील प्रशासन से पत्रावली मांगी गई है। कागजी कार्रवाई पूर्ण कराकर दो तीन दिन में ही आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी।