पीलीभीत। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अनिवार्य सेवानिवृत्ति का विरोध करेगी। जरूरत पड़ी तो इसके लिए वृहद स्तर पर आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। यह निर्णय परिषद की बैठक में लिया गया। अंत में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का स्वागत किया गया।
उप्र राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक शहर के एक होटल में जिलाध्यक्ष हशमुद्दीन खां की अध्यक्षता में हुई। आय व्यय पर विचार के बाद राजेंद्र कुमार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति का मामला उठाया। इस पर सभी सदस्यों ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई। निर्णय लिया गया कि सभी घटक अपने अपने विभागों में हो रही कार्रवाई का विरोध करेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा स्क्रीनिंग के बहाने अधिकारियों द्वारा उनका उत्पीड़न किया जाएगा जिससे कर्मचारियों को उनके दबाव में काम करना पड़ेगा। इसके अलावा पंचायत कर्मियों, सफाई कर्मियों देयकों का अविलम्ब भुगतान कराने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। अंत में सेवानिवृत्त हुए एडीओ पंचायत रूपलाल, वीडीओ अजय कुमार सक्सेना, इरफान सागर, बाबूराम को फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। बैठक का संचालन अरविंद वर्मा ने किया। इस मौके पर मंत्री संजय प्रकाश, राजवंदन मिश्रा, अनिल कुमारा, शैलेष कुमारी, रामदास शर्मा, धर्मेन्द्र कुमार वर्मा, सुधीर कुमार, इफ्तिखार, राम कुमार, अनोखेलाल, अजय सक्सेना, विकास कुमार सहित कई लोग थे।