पीलीभीत। दुष्कर्म के आरोपित को विशेष न्यायाधीश/पास्को एक्ट अर्चना गुप्ता ने दोषी पाते हुए 30 हजार रुपये के अर्थदंड और दस साल के कारावास की सजा से दंडित किया है। घटना माधोटांडा थाना क्षेत्र में अप्रैल 2015 में हुई थी।
एक व्यक्ति ने माधोटांडा थाने में एक अप्रैल, 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें कहा कि 23 मार्च 2015 को उसकी पुत्री एक धार्मिक स्थल पर गई थी। यहां से गांव का ही कुलविंदर सिंह पुत्री को दवा दिलाने के बहाने कहीं ले गया। काफी देर तक वापस नहीं आई, तो उसने पुत्री की तलाश शुरू की। मगर उसका कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पीड़िता की तलाश शुरू की। कई दिनों बाद पुलिस ने लड़की को बरामद किया।
इसके बाद उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराए। लड़की ने बयान में कहा कि आरोपी ने दिल्ली ले जाकर कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक कुश कुमार वर्मा ने न्यायालय में पीड़िता सहित कई गवाह पेश किए। आरोपित ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान आरोपी को कुलविंदर को दोषी पाते हुए दस साल के कारावास की सजा से दंडित किया।