अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार उपाध्याय ने कस्बा पूरनपुर में छह वर्ष हुई संजीव सक्सेना उर्फ अक्कू की हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी पाकर 10 साल कैद एवं जुर्माने की सजा सुनाई है जबकि साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी दोषमुक्त किया गया। नौ मार्च 2011 को पूरनपुर कोतवाली में बबली उर्फ मलकेश सक्सेना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार बबली के पति संजीव सक्सेना उर्फ अक्कू कस्बे की सुधीर कॉलोनी स्थित अपने घर की देखभाल करने गए थे। घर के पास शाम 6.30 बजे उन्हें निर्मल सिंह ने तेजी व लापरवाही से कार चलाकर टक्कर मार दी थी, जिससे सुधीर की मौत हो गई। दूसरे दिन पत्नी बबली ने पुलिस को अर्जी देकर संपत्ति विवाद में सुधीर की हत्या का आरोप योगेश कुमार एवं नीरज तिवारी पर लगाया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान मामला गैर इरादतन हत्या का पाया, जिसके आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी काजी रिफाकत हुसैन फरहान व अमित मिश्रा ने की। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार उपाध्याय ने निर्मल सिंह को दोषमुक्त करार दिया। जबकि नीरज एवं योगेश को दोषी पाकर दस वर्ष कैद और प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये जुर्माना सुनाया।
विवेचना में लापरवाही पर दरोगा पर कार्रवाई
अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार उपाध्याय ने पाया कि विवेचक दरोगा रामपाल सिंह निवासी ग्राम कसमरा थाना आंवला बरेली को विवेचना में लापरवाही कर अभियुक्तों को बचाने का प्रयास किया है। इस पर उन्होंने दरोगा पर कार्रवाई के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है। एडीजीसी काजी रिफाकत हुसैन फरहान ने बताया कि एसपी के माध्यम से पत्र डीजीपी को भेजा जाएगा।