आम के शौकीन मुल्कों में आर्गेनिक आम की डिमांड बढ़ गई है। खासकर अमेरिका, इंग्लैंड, हालैंड, इटली, सऊदी अरब और सिंगापुर में।
इन देशों की कंपनियों ने आम उत्पादकों से कहा है कि आगे को वह आर्गेनिक आम के ही आर्डर देंगे। लिहाजा वह लोग पहले से ही तैयारी शुरू दें। आम के निर्यातकों ने भी भरोसा दिलाया है कि दो साल के भीतर आर्गेनिक आम की सप्लाई कर दी जाएगी। सात देशों ने तो एडवांस में बुकिंग भी करा दी है।
उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर आम का उत्पादन होता है। यूपी से ही हर साल करीब 800 टन आम एक्सपोर्ट किया जाता है। इनमें भी लंगड़ा, चौंसा, दशहरी और मल्लिका की डिमांड ज्यादा रहती है।
पिछले हफ्ते में मुंबई में उन सभी कंपनियों के अफसर पहुंचे थे जो यहां से आम की खरीद करते हैं। निर्यातक भी इकट्ठा हुए।
इन लोगों ने शर्त रखी कि उनके देशों में अब आर्गेनिक आम की डिमांड बढ़ रही है। लिहाजा आने वाले समय में वह उन्हीं के साथ कारोबार करेंगे जो आर्गेनिक आम की पैदावार करेंगे।
आल इंडिया मैंगो ग्रोवर एसोसिएशन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी ने बताया कि आम उत्पादकों ने दो साल में आर्गेनिक आम उपलब्ध कराने का वादा किया है। इसके लिए अभी से तैयारी की जा रही है।