कुंडा में सीओ जियाउल हक की हत्या में नामजद हुए पूर्व मंत्री राजा भैया पर एक और मुकदमा दर्ज हो गया है। राजा भैया के अलावा उनके मौसेरे भाई एमएलसी अक्षय प्रताप उर्फ गोपालजी को भी नामजद किया गया है।
दोनों के खिलाफ पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिवाकर तिवारी ने प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामला गवाह को धमकाने का है। आरोप है कि राजा भैया और अक्षय प्रताप ने साजिश रच उनके घर पर हमला कराया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के लखपेड़ा कोटा भवानीगंज के रहने वाले दिवाकर तिवारी बाबागंज के ज्येष्ठ प्रमुख रह चुके हैं। वर्ष 2010 में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान कुंडा कोतवाली में मनोज शुक्ला ने राजा भैया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसी केस में दिवाकर तिवारी गवाह हैं।
शुक्रवार की शाम पांच-छह बाइक पर सवार कुछ हमलावर दिवाकर तिवारी के घर पहुंचे और उन्हें तलाश करने लगे। उनके न मिलने पर नौकर अमित को लाठी, डंडों से जमकर पीटा। हमलावरों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और तमंचा-पिस्टल लहराते हुए भाग निकले।
दिवाकर तिवारी ने आशंका जताई है कि घटना के पीछे पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया और एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह का हाथ हो सकता है। पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ने दोनों पर हमला कराने का आरोप लगाया है। मामला थाने पहुंचा तो शुक्रवार देर रात डीआईजी एन रविन्द्र संग्रामगढ़ थाने पहुंच गए।
रात तीन बजे तक डीआईजी ने कैंप करके मामले की हकीकत खंगालने का प्रयास किया। अफसरों के निर्देश पर बाद में पुलिस ने बलवा, मारपीट, गाली गलौज, धमकी और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
मामले में राजा भैया और अक्षय प्रताप को साजिश का आरोपी बनाया गया है जबकि शेष आरोपी अज्ञात में हैं। एसओ साधुराम यादव का कहना है कि तहरीर में राजा भैया और अक्षय प्रताप का नाम था। मामले की जांच की जा रही है।