उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बुधवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक के दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। यह धरना 26 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। जिसमें पुरानी पेंशन बहाली, विद्यालयों का राजकीयकरण, और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे।
धरने को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष ब्रहापाल नागर ने कहा कि शिक्षकों की मांगें कई वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण करने, पुरानी पेंशन लागू करनेऔर शिक्षकों के लिए केशलेस चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा देने की मांग की।
इसके अलावा, उन्होंने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के ऑनलाइन स्थानांतरण की व्यवस्था, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ई-फाइलिंग और सिटीजन चार्टर लागू करने और जीपीएफ खातों का ऑनलाइन रख-रखाव सुनिश्चित करने की अपील की।
धरने में पुष्पेंद्र सिंह, गजराज सिंह, कर्मवीर सिंह, खजानी सिंह, मधुसूदन, भरत सिंह, अमीर हसन, सर्वजीत पाल, आलोक तिवारी, संतोष कुमार जैसे कई शिक्षक शामिल हुए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ ने भी धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
धरने की अध्यक्षता अमरीश कुमार चौहान और संचालन नरेश शिशौदिया ने किया। इस संघ ने केशलेस चिकित्सा सुविधा, राजकीय कर्मचारियों के समान अवकाश का नकदी भुगतान, पदोन्नति पर वेतनमान में वृद्धि, और बोर्ड परीक्षा के दौरान ड्यूटी भत्ता देने की मांग की। इस धरने का उद्देश्य राज्य सरकार से इन लंबित मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील करना है। ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके।