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दुर्गा शक्ति ही नहीं, एक और खनन अधिकारी बना शिकार

Tue, 30 Jul 2013 03:41 PM IST
दिलीप चतुर्वेदी
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अवैध खनन रोकने पर सिर्फ आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल को ही शिकार नहीं बनाया गया है, तीन दिन पहले ही खनन अधिकारी आशीष कुमार का तबादला कर दिया गया था।
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बताया गया है कि एक सप्ताह में अवैध खनन रोकने की ताबड़तोड़ कार्रवाई से खनन माफिया का भारी नुकसान हो गया था, जिससे एसडीएम और खनन अधिकारी उनके निशाने पर आ गए थे।

खनन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक 18 जुलाई से 24 जुलाई के बीच अवैध खनन के 15 मामले पकड़े गए। इस दौरान अवैध खनन में लगी तीन जेसीबी और 40 गाड़ियां (डंपर, ट्रैक्टर ट्राली) जब्त की गईं।
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शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले दर्ज किए, वहीं जुर्माने के लिए आरटीओ और बिक्री कर विभाग को भी इनसे संबंधित फाइल भेज दी गई। इससे यमुना और हिंडन से बालू के अवैध खनन मे लगे लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

इसके बाद खनन माफिया ने राजनीतिक पहुंच के जरिए सबसे पहले खनन अधिकारी आशीष कुमार का तबादला कराया। वे 25 जुलाई को यहां से रिलीव हो गए। अभी तक उनकी जगह पर कोई अधिकारी नहीं भेजा गया है।

हालांकि खनन अधिकारी का तबादला अवैध खनन रोक रहे लोगों के लिए चेतावनी की तरह था लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारी रहा। ठीक तीन दिन बाद एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड कर दिया गया।

सरकार भले ही धर्म स्थल की दीवार तोड़ने के मामले में उन्हें निलंबित करने की बात कह रही हो लेकिन अन्य अधिकारी और आम लोग यह समझ रहे हैं कि अवैध खनन रोकने के कारण ही दुर्गा शक्ति को सस्पेंशन झेलना पड़ा।

ऐसा माना जा रहा है कि पहले खनन अधिकारी का तबादला और तीन दिन बाद एसडीएम के सस्पेंड होने के बाद उनकी जगह आने वाला अधिकारी आसानी से खनन माफिया पर हाथ नहीं डाल सकेगा।
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